यूक्रेन-रूस मामले में नया मोड़, रूस पर कई देशों ने लगाए प्रतिबंध

जुबिली न्यूज डेस्क
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार की रात को यूक्रेन के अलगाववादियों के नियंत्रण वाले दो क्षेत्रों को मान्यता दे दी थी। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

दरअसल रूस के इस कदम को यूक्रेन पर आक्रमण के बराबर मानते हुए अमेरिका समेत कुछ पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा की है।
इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से दो वित्तीय संस्थाओं, वीईबी और रूसी मिलिट्री बैंक के खिलाफ लगाया गया प्रतिबंध सबसे ताजा है।
इसके साथ ही बाइडन ने ये भी कहा कि रूसी अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से हटाया जा रहा है। साथ ही रूस के उच्च वर्ग और उनके परिवारो पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ सावधानीपूर्वक समन्वय बना रहा है, और सच में, उन्होंने जिन प्रतिबंधों की घोषणा की वो उनसे पहले यूरोपीय देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी में था।
वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रूस के 5 बैंकों और तीन अरबपतियों के खिलाफ पाबंदियों की घोषणा की है।
ब्रिटेन ने क्या कहा?
ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा है कि रूस के जिन तीन अरबपतियों पर पाबंदी लगाई गई है, ब्रिटेन में उनकी संपत्ति फ्रीज की जा रही है और उन्हें ब्रिटेन आने से रोका जाएगा।

जिन बैंकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें रोसिया, आईएस बैंक, जनरल बैंक, प्रॉमस्व्याज बैंक और ब्लैक सी बैंक शामिल है। वहीं जिन तीन प्रभावशाली शख़्सियतों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वो गेनेडी टिमचेंको, बोरिस रोटेनबर्ग और आइगर रोटेनबर्ग हैं।
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पीएम जॉनसन की इस घोषणा के बाद कुछ सांसदों ने कहा कि प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं तो पीएम ने कहा कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो नए प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
जर्मनी ने उठाया ये कदम
जर्मनी ने रूस के साथ नॉर्ड स्ट्रीम2 गैस पाइपलाइन को शुरू करने की प्रक्रिया रोक दी है। इस पाइपलाइन के जरिए जर्मनी में रूस से गैस पहुंचने वाली थी।
यूक्रेन संकट के खिलाफ कदम उठाते हुए जर्मनी के चांसलर ओलाफ शल्ट्स ने बर्लिन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यूक्रेन में रूस ने जो कदम उठाए हैं, उसके जवाब में उनकी सरकार ये कार्रवाई कर रही है।
रूस से यूरोप को उसकी जरूरत की 40 प्रतिशत गैस मिलती है जो कि वहां के पूर्वी प्रांत से यूरोप के विभिन्न देशों तक पहुंचायी जाती है।
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यूरोपीय संघ ने क्या कहा?
यूरोपीय संघ ने एकमत से अपने पहले उपायों पर सहमति व्यक्त की है जिसमें रूस की संसद के उन सदस्यों को लक्ष्य बनाना शामिल है जिन्होंने यूक्रेन पर अपनी सहमित जताई है।
रूसी बैंकों और ईयू के वित्तीय बाजारों तक पहुंच को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है, लेकिन अब तक लगाए गए प्रतिबंध हमले की स्थिति वाले डर से कम हैं।
ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि रूस को वैश्विक बैंकिंग सिस्टम से काट दिया जा सकता है और डॉलर में लेन देन से रोका जा सकता है और उस पर किसी तरह के आयात-निर्यात प्रतिबंध जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।



