क्या बिहार की राजनीतिक बिसात बदलने वाली है?

जुबिली स्पेशल डेस्क

पटना। बिहार में भले ही नीतीश कुमार की सरकार चल रही है लेकिन ये कितने दिन चलेगी इसको लेकर अक्सर कयास लगते रहे हैं। चुनाव होने के बाद जब नीतीश कुमारी की ताजपोशी हुई तब भी कहा गया था कि यह सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चल पायेगी।

हालांकि अभी तक ऐसा कुछ भी देखने को फिलहाल नहीं मिला है लेकिन जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बिहार में एक बार फिर से सियासत देखने को मिल रही है। जातिगत जनगणना को लेकर कहा तो यह भी जा रहा है आने वाले समय में बिहार में सत्ता परिवर्तन भी देखने को मिल सकता है।

अब सवाल यह है ये होगा कैसे। दरअसल मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार को बड़ा ऑफर दिया है। इस ऑफर के सहारे आरजेडी सत्ता तक पहुंचने का सपना पाल रही है।

राष्ट्रीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का ऐसा संदेश जो मीडिया को दिया है उसमें यही सबकुछ कहा गया है।

उन्होंने कहा कि जेडीयू भाजपा के उन मंत्रियों को हटा दे जो जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बात नहीं मान रहे हैं। अगर इसके बाद संकट आता है तो हम ‘सबकुछ भूलकर’ तेजस्वी के नेतृत्व में आरजेडी और महागठबंधन साथ देने को तैयार है।

 

आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि जातीय जनगणना बिहार का और देश का ज्वलंत मुद्दा है. नीतीश कुमार खुद इस मुद्दे के पक्ष में रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो आपका (नीतीश कुमार) समर्थन नहीं करता है उसको हटाइए।हम आपके साथ हैं।

पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इसी तरह का बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि खरमास के बाद(एक सप्ताह के बाद) बिहार में बड़ा सियासी भूचाल आएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या आरजेडी एक बार फिर जेडीयू के साथ सरकार बना सकती है? तिवारी ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं।

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