प्रशांत किशोर ने फिर कांग्रेस नेतृत्व पर उठाया सवाल

जुबिली न्यूज डेस्क

भारत की चुनावी राजनीति में प्रभावी कैंपेन मैनेजर के रूप में उभरे प्रशांत किशोर ने एक बार फिर से कांग्रेस को निशाने पर लिया है।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इस बार विपक्ष के नेतृत्व की कमान कांग्रेस के पास हो, इसे लेकर सवाल उठाया है।

उन्होंने कहा कि जो पार्टी पिछले 10 सालों में 90 प्रतिशत चुनावों में हारी है, उसका विपक्ष के नेतृत्व पर कोई दैवीय अधिकार नहीं हो सकता।

गुरुवार को पीके ने एक ट्वीट में लिखा, ”कांग्रेस जिस विचार और स्थान (स्पेस) का प्रतिनिधित्व करती है, वो एक मजबूत विपक्ष के लिए काफी अहम है, लेकिन इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व को व्यक्तिगत तौर पर किसी का दैवीय अधिकार नहीं है, वो भी तब जब पार्टी पिछले 10सालों में 90 फीसदी चुनावों में हारी है। विपक्ष के नेतृत्व का फ़ैसला लोकतांत्रिक तरीके से होने दें..”

पीके का यह ट्वीट ममता बनर्जी के राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार और अगले लोकसभा में महागठबंधन के नेतृत्व को जोड़कर देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें :  किसकी सरकार में हुए थे गुजरात दंगे? सीबीएससी ने परीक्षा में पूछा ये सवाल फिर…

यह भी पढ़ें :  किसान आंदोलन से एक साल में हुआ 2731 करोड़ रुपए टोल का नुकसान 

यह भी पढ़ें : आखिर क्यों WTA ने चीन में सभी टूर्नामेंट स्थगित कर दिया?

दरअसल इस साल पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर, ममता बनर्जी का चुनावी अभियान संभाल रहे थे। विस चुनाव में ममता को शानदार जीत मिली। इस जीत के बाद ममता राष्ट्रीय स्तर के चुनाव में अपनी पार्टी के विस्तार में लगी हैं।

मेघालय में 10 कांग्रेस विधायकों के टीएमसी का दामन थामने ही टीएमसी वहरं की मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है। इसके अलावा भी कई कांग्रेस नेता भी टीएमसी में शामिल हुए हैं।

कहा जा रहा है कि इसके पीछे प्रशांत किशोर ही हैं। अब इन अटकलों को और हवा मिलेगी क्योंकि पीके ने कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया है। कई लोग ये भी कह रहे हैं कि प्रशांत किशोर कांग्रेस को अप्रासंगिक बनाने में लगे हैं।

यह भी पढ़ें :  डंके की चोट पर : केशव बाबू धर्म का मंतर तभी काम करता है जब पेट भरा हो

यह भी पढ़ें :  केशव प्रसाद के ‘मथुरा की तैयारी है’ बयान पर क्या बोलीं मायावती?

यह भी पढ़ें :   भाजपा सांसद ने पूछा-क्या रूस के पहले के दौरे में राष्ट्रगान भूल गए थे मोदी?

बुधवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के मुंबई में जाकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद दोनों मीडिया के सामने आए थे।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में ममता ने कहा था कि अब कोई यूपीए नहीं है। यूपीए कांग्रेस की अगुआई वाला गठबंधन था, जिसमें कई दल शामिल थे।

ममता की इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने कहा था कि बीजेपी को बिना कांग्रेस के हराना किसी सपने की तरह है।

Related Articles

Back to top button