तो क्या Taliban ने कुर्सी के लिए अपने Supreme Leader को सुला दी मौत की नींद

जुबिली स्पेशल डेस्क

काबुल। अफगानिस्तान पर कब्जा करने वाला तालिबान लगातार सुर्खियों में है। हालांकि सरकार बनाने से पहले उसने बड़े-बड़े वादे किये थे लेकिन वो अब खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं।

तालिबान ने जो-जो वादे किये थे उससे अब मुकरता नजर आ रहा है। आलम तो यह है कि महिलाओं को लेकर उसकी सोच में थोड़ा भी बदलाव नहीं हुआ है। इतना ही नहीं पूरे देश में शरिया कानून लागू करने की बात कह रही है।

इतना ही नहीं तालिबान अब पुराने रंग में लौटता हुआ नजर आ रहा है। आलम तो यह है कि सत्ता में बने रहने के लिए उसने पुराना रास्ता फिर चुन लिया है। हालांकि अब सत्ता को लेकर आपस में तनातनी की स्थिति पैदा हो गई है।

यह भी पढ़ें : …तो अब राजस्थान में होगा फेरबदल?

यह भी पढ़ें : 12 साल के बच्चे ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, कहा-स्कूल खुलवा…

यह भी पढ़ें : दो माह बाद जेल से बाहर आए राज कुंद्रा, कहा-बलि का बकरा बनाया गया

यह भी पढ़े : महंगाई की मार : LPG सिलेंडर के बाद अब इन चीजों के बढ़ेंगे दाम !

यह भी पढ़े : इन शर्तों के साथ करनाल में खत्म हुआ किसानों का धरना

तालिबान को लेकर एक ब्रिटिश मैगजीन ने बड़ा दावा किया है। इस दावे की माने तो तालिबान अब खूनी संघर्ष में ज्यादा विश्वास दिखा रहा है। ब्रिटिश मैगजीन ने दावा किया है कि इस खूनी संघर्ष में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा को मौत की नींद सुला दी गई जबकि उप प्रधानमंत्री मुल्ला बरादर को तालिबान ने अपनी कैद में बंधक बनाकर रखा है।

मैगजीन ने आगे बताया है कि तालिबान में सत्ता संघर्ष के लिए खूनी खेला जा रहा है और हक्कानी धड़े के झगड़े से मुल्ला बरादर को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा है।

क्यों उड़ रही है सुप्रीम लीडर की मौत की खबर

उधर सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा को मौत को लेकर अब तक तालिबान ने चुप्पी साध रखी है। दरअसल हिबतुल्लाह अखुंदजादा काफी वक्त से नजर नहीं आ रहे हैं और न ही उनका कोई संदेश दुनिया के सामने आया है।

ऐसे में कहा जा रहा है तालिबान उनको मौत के घाट उतार दिया है जबकि मुल्ला बरादर को लेकर खबर आ रही है कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। बरदार का जो वीडियो संदेश सामने आया है, उसे देखकर ऐसे संकेत मिलते हैं कि उसे बंधक बना लिया गया है।

 

Related Articles

Back to top button