CAA के नियम पर अमित शाह ने क्यों मांगा वक्त

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर बड़ी जानकारी आ रही है। जानकारी के मुताबिक नागरिकता संशोधन एक्ट(CAA) के नियम को लेकर सरकार ने कहा है कि ये अभी तक तैयार नहीं हो पाये है।

इसको तैयार करने में अभी छह महीने का वक्त और लग सकता है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संसद में बताया है कि नियमों को गढऩे के लिए अतिरिक्त 6 महीने का वक्त लग सकता है।

इसलिए अतिरिक्त 6 महीने का वक्त मांगा है। संसद में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 जनवरी, 2022 तक का वक्त मांगा है ताकि नागरिकता संशोधन एक्ट के तहत नियमों को तैयार किया जा सके।

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लोकसभा में कांग्रेस ने पूछा ये सवाल

इस नियम को लेकर लोकसभा में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या केंद्र सरकार ने CAA के नियमों को नोटिफाई करने की कोई अंतिम तारीख तय की है। अगर हां तो वो क्या हैं, अगर नहीं तो अभी तक क्यों नहीं की गई हैं।

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इसके बाद सरकार ने इसका जवाब देते हुए बताया है कि 12.12.2019 को नोटिफाई किया गया था, 2020 में ये कानून का रूप ले चुका है.।लेकिन लोकसभा और राज्यसभा की कमेटियों से इस कानून के तहत नियम तैयार करने के लिए जनवरी, 2022 तक का वक्त मांगा गया है।

CAA  के बारे में

पहली बार सरकार ने नागरिकता संशोधन एक्ट को 2019 में पेश किया था। गौरतलब है कि नागरिकता संसोधन कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले गैर मुस्लिम शरणार्थियों को आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है, लेकिन केरल सहित राज्य राज्य इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुके हैं। उनका कहना है कि यह कानून संविधान के खिलाफ है।

इतना ही नहीं विपक्ष भी इस कानून के खिलाफ है। जब इसे कानून का रूप दिया जाता उससे पहले ही कोरोना वायरस का मामला ज्यादा बढ़ गया और अब सरकार इसको लेकर अब छह माह का वक्त मांग रही है।

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