चुनावी राज्यों में इसलिए BJP को झेलना पड़ेगा किसानों का विरोध

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा के चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। बीजेपी से लेकर कांग्रेस अपनी-अपनी जीत का दावा जरूर कर रहे हैं लेकिन नतीजे आने पर पता चलेगा किसकी बनेगी सरकार।

उधर पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव में बीजेपी को किसानों का गुस्सा झेलना पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक इन चुनावों को लेकर बड़ा कदम उठाया है।

बताया जा रहा है कि जनता को इस बाद की जानकारी दी जायेगी कि मोदी सरकार किसानों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है।

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 12 मार्च को बंगाल में रैली की जाएगी। संयुक्त किसान मोर्च ने इसको लेकर एक बयान जारी किया है और कहा है कि हमारे मोर्चा की ओर से चुनावी राज्यों में टीम भेजी जाएगी।

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किसान मोर्चा के नेता बलबीर राजेवाल ने इन चुनावी राज्यों को लेकर नई रणनीति बनायी है। इस रणनीति के तहत बीजेपी को बड़ा नुकसान हो सकता है।

किसान मोर्चा की टीम के सदस्य इन राज्यों में जाएगे और वहां जाकर बीजेपी का विरोध किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम किसी का समर्थन नहीं करेंगी लेकिन लोगों का यह जरूर यह समझाएंगे कि आप उसी उम्मीदवार को वोट दें जो बीजेपी को हरा सके। टीम के सदस्य लोगों को यह समझाएंगे कि किसानों के प्रति मोदी सरकार का क्या रुख हैं।

बलबीर राजेवाल ने कहा,कि किसान मोर्चा की ओर से चुनावी राज्यों में टीम भेजी जाएगी। राजेवाल ने कहा सरकार की तरफ से किसान आंदोलन को समाप्त करने का प्रयास किया गया था।

केंद्र सरकार में हरियाणा के जो 3 केंद्रीय मंत्री हैं, उन 3 केंद्रीय मंत्रियों का उनके गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। जल्द ही यह आंदोलन कामयाब होगा और हम जीतकर जाएंगे।

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उधर योगेंद्र यादव ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 10 ट्रेड संगठनों के साथ हमारी मीटिंग हुई है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों का जो निजीकरण कर रही है उसके विरोध में 15 मार्च को पूरे देश के मजदूर और कर्मचारी सड़क पर उतरेंगे और रेलवे स्टेशनों के बाहर जाकर धरना प्रदर्शन करेंगे।

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