तो क्या सरकार की कमाई से आने लगी खुशहाली

जुबिली न्यूज़ डेस्क

लखनऊ। कोरोना के चलते खराब हुए हालात पर अब योगी सरकार को राहत मिलना शुरू हो गयी है। दावा किया जा रहा है कि त्योहारी सीजन से पकड़ी इस रफ़्तार से अर्थव्यवस्था को काफी बूस्ट मिलेगा साथ ही लोगों की कमाई भी बढ़ेगी।

सरकार लगातार अर्थव्यवस्था मामले को लेकर घिरी हुई थी। कोरोना संक्रमण में गिरावट के साथ ही आर्थिक मोर्चे पर प्रदेश सरकार को राहत मिलनी शुरू हो गई है।

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दशहरा, नवरात्र और दिवाली के लिए जमकर हुई खरीदारी से योगी सरकार की अक्तूबर में कमाई करीब 10 हजार करोड़ पहुंच गई है। ये पिछले महीने से 1648 करोड़ रुपये ज्यादा है। कोरोना काल में पहली बार किसी माह में यूपी की कमाई 10 हजार करोड़ पहुंची है। अर्थव्यवस्था के रफ्तार पकड़ने से प्रदेश की विकास परियोजनाओं व योजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है।

अनलॉक के बाद बाजार को रफ्तार देने की कोशिशों का नतीजा साफ नजर आ रहा है। सितंबर में सरकार को 8346.76 करोड़ की आय हुई थी। वहीं अक्तूबर में होने वाली कमाई 9,995.02 करोड़ पहुंच गई जो 1648.26 करोड़ ज्यादा है।

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वैट, स्टांप- रजिस्ट्रेशन, वाहन कर, भूतत्व व खनिकर्म सहित सभी प्रमुख मदों में राजस्व प्राप्तियां बढ़ी हैं। हालांकि राज्य उत्पाद शुल्क में कुछ कमी सामने आई है।

केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को दशहरा के पहले ही एकमुश्त बोनस भुगतान का एलान कर चुका है। प्रदेश सरकार को ये तय करना है कि केंद्र की तरह राज्यकर्मियों को एक महीने का पूरा बोनस नकद दिया जाए या पूर्व की तरह एक चौथाई या आधा ही नकद दिया जाए।

माना जा रहा है कि सरकार इस पर फैसले के लिए अक्तूबर में होने वाली आय का इंतजार कर रही है। इस सप्ताह अक्तूबर की प्राप्तियों के अंतिम आंकड़े आने की संभावना है। इसके बाद बोनस पर भी फैसले की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के 15 लाख कर्मचारी बोनस पर निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

सरकार की कमाई के आंकड़े

                  कमाई                 सितंबर     अक्तूबर 2020
राज्य वस्तु एवं सेवा कर          1695.82     3027.35
राज्य उत्पाद शुल्क                2141.27      2089.34
स्टांप तथा पंजीकरण शुल्क   1436.92      1603.17
बिक्री- व्यापार आदि             1706.04      1784.67
वाहन कर                             439.61        486.08
विद्युत कर तथा शुल्क         41.07           60.91
भूतत्व एवं खनिकर्म              182.88        243.36
(ये आंकड़े कोषवाणी से है।)

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