किसके दबाव में चिराग पासवान को वोट कटवा बता रहें हैं बीजेपी नेता

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

बिहार चुनाव से ठीक पहले एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ रही लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) को लेकर बीजेपी नेता लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। मोदी सरकार में मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा, ‘चिराग पासवान ने खुद बिहार में अलग रास्ता चुना है, वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. हमारे पास कोई बी या सी टीम नहीं है। एनडीए तीन-चौथाई बहुमत हासिल करेगा। चिराग की पार्टी वोटकटवा बनकर रह जाएगी।

अब एलजेपी को बिहार चुनाव में ‘वोटकटवा’ कहने के मुद्दे पर एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान दर्द सामने आया है। चिराग पासवान ने कहा है कि बीजेपी नेताओं की ओर से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किए जाने से वो दुखी हैं।

यह भी पढ़ें : महागठबंधन के संकल्प पत्र में क्या‍ खास है ?

चिराग पासवान ने कहा, ‘बीजेपी के ‘वोटकटवा’ कहने से मैं निराश हूं। मैं निराश हूं कि बीजेपी के नेता वोटकटवा जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुझे पता है कि बीजेपी नेताओं पर दबाव है। मैं उनकी समस्या को समझ सकता हूं, वे बिहार के सीएम नीतीश कुमार के दबाव में हैं। निश्चित रूप से हम बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के बयान से खुश नहीं हैं।

चिराग पासवान ने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं पीएम नरेंद्र मोदी का अंधसमर्थक हूं और मैं उन्हें अपने नेता के रूप में सम्मान देता हूं।’ चिराग पासवान ने कहा कि हम अपने घोषणापत्र, अभियान सामग्री में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : श्रीकृष्ण जन्मभूमि से सटी मस्जिद को हटाने की याचिका स्‍वीकार

इसके साथ ही चिराग पासवान ने कहा, ’10 नवंबर को सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा, जब बिहार में बीजेपी-एलजेपी गठबंधन के तहत वास्तविक डबल इंजन की सरकार बनेगी। मुझे पता है कि सीएम अपनी बिहार रैली के दौरान पीएम मोदी को मेरे खिलाफ बोलने के लिए मजबूर करेंगे।’

इससे पहले बिहार के प्रभारी भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि ‘चिराग पासवान प्रधानमंत्री के नाम का उपयोग करके भ्रम पैदा करना चाहते हैं।’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘बिहार चुनाव के लिए एनडीए में भाजपा-जदयू-वीआईपी और एचएएम का गठबंधन है। हमारा लोजपा के साथ ना गठबंधन है, न ही वह चुनाव में एनडीए का हिस्सा है। चिराग को भ्रम में नहीं रहना चाहिए, न ही भ्रमित होना चाहिए, और न ही भ्रम फैलाना चाहिए।’

बता दें कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से जदयू ने 2015 के विधानसभा चुनावों में 71 सीटों (101 सीटों पर लड़ी) पर जीत हासिल की थी. भाजपा को 53 सीटें (157 पर चुनाव लड़ी) और लोजपा को दो सीटें (42 में से) हासिल हुई थीं।

Related Articles

Back to top button