कौन हैं खुशबू सुंदर जिन्होंने बीजेपी के लिए छोड़ दिया कांग्रेस का हाथ?

जुबिली न्यूज डेस्क

अभिनेत्री से राजनेता बनी खुशबू सुंदर के भाजपा में शामिल होने की अटकलें हो गई है। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि वह आज बीजेपी का दामन थाम लेंगी।

कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को खुशबू सुंदर को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटा दिया है। वे दक्षिण भारत मे कांग्रेस पार्टी की चर्चित चेहरा थीं। उन्होंने 200 से ज्यादा दक्षिण भारतीय और बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है।

खुशबू ने 2014 में डीएमके छोड़ कांग्रेस का दामन थामा था।

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हाल ही में खुशबू ने इस तरह की खबरों का खंडन किया था। इस बीच वह रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुईं। उन्होंने कहा था कि वे इस पर “कोई टिप्पणी नहीं” करना चाहती हैं।

खुशबू से जब पूछा गया था कि क्या वह अभी भी कांग्रेस में है, तो उन्होंने कहा, “मैं कुछ भी कहना नहीं चाहती।”

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2014 में कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद से उनका राजनीतिक करियर का ग्राफ कुछ खास नहीं रहा है। यह तो साफ है कि भाजपा 2021 के विधानसभा चुनावों में तमिलनाडु के मैदान में उतरने के लिए उन्हें मैदान में उतार रही है।

लोकप्रिय स्टार खुशबू इससे पहले भी कई पार्टियों से जुड़ी रहीं। वह 2010 में डीएमके में शामिल हुई थीं, जब डीएमके सत्ता में थी।

उस दौरान उन्होंने कहा था, “मुझे लगता है कि मैंने सही निर्णय लिया है। मुझे लोगों की सेवा करना बहुत पसंद है। मैं महिलाओं की भलाई के लिए काम करना चाहती हूं।”

और जब चार साल बाद 2014 में डीएमके छोड़ा तो कहा था, “द्रमुक के लिए कड़ी मेहनत एक तरफ़ा रास्ता था।” उसी वर्ष 2014 में वह सोनिया गांधी से मिलने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गईं।

कांग्रेस में शामिल होने पर अभिनेत्री ने तब कहा था, “मुझे लगता है कि मैं अपने घर में हूं। कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जो भारत के लोगों के लिए अच्छा कर सकती है और देश को एकजुट कर सकती है।”

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खुशबू सुंदर को 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए टिकट नहीं दिया गया था, जबकि राज्य में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की थी। न ही उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया।

खुशबू सुंदर राज्य में काफी लोकप्रिय रही हैं। तमिलनाडु में आठ महीने दूर राज्य के चुनावों के साथ, राज्य में अपनी सीमित पहुंच के साथ भाजपा खुशबू सुंदर की स्टार पावर को आजमाना चाहेगी। पार्टी के पास अभी तक राज्य में कोई करिश्माई नेता नहीं है।

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खासकर तब जब सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के साथ अपने गठबंधन को जारी रखने के बारे में असहज है और यह अटकलें हैं कि राष्ट्रीय पार्टी सुपरस्टार रजनीकांत को सपोर्ट कर सकती है, जो चुनाव से पहले अपनी पार्टी शुरू कर सकते हैं।

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