…तो अमेरिका से भी विदा हो जाएगा TikTok

जुबिली न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली. 20 भारतीय जवानों की शहादत और लद्दाख में चीन की सेना द्वारा किये गये अतिक्रमण के बाद भारत सरकार ने TikTok समेत 59 चीने एप्स पर प्रतिबन्ध लगाए जाने के बाद अमरीकी संसद में भी सरकार पर ऐसा ही कदम उठाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. अमेरिका चीन को कोरोना फैलाने का दोषी मानता है और उसके खिलाफ इस मामले में कार्रवाई भी चाहता है.

रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कार्लिन ने कहा कि भारत ने TikTok समेत 59 चीनी एप्स हटाने का शानदार फैसला किया है. भारत ने यह फैसला चीन के साथ हुए हिंसक टकराव के बाद लिया है.

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार राबर्ट ओ ब्रायन का कहना है कि चीन अपने खुद के मकसद को पूरा करने के लिए TikTok का इस्तेमाल कर रहा है.

उल्लेखनीय है कि अमरीकी संसद में ऐसे दो बिल लंबित हैं जिनमें सरकारी अधिकारियों के फोन में TikTok के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही गई है.

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अमेरिका में एक तरफ सांसदों ने भारत के इस कदम का समर्थन करते हुए सरकार पर दबाव बनाया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के कुछ पत्रकारों और कुछ बड़े चैनलों के एंकर्स ने सरकार से कहा है कि वह फ़ौरन चीन के इन एप्स को प्रतिबंधित करे. पत्रकारों ने कहा है कि जब भारत ऐसा कर सकता है तो अमेरिका क्यों नहीं कर सकता.

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