ट्रक या टैंकर पर मजदूरों को चढ़ाया तो…

प्रमुख संवाददाता

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में मजदूरों की मौत की वजह ट्रालर के ड्राइवर की नींद बताया जा रहा है. इस बात की भी जांच शुरू हो गई है कि आखिर ट्रालर और डीसीएम गाड़ी उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुई कैसे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यह स्पष्ट कर दिया है कि गैर यात्री वाहन अगर मजदूरों को लेकर आता मिलेगा तो उस वाहन स्वामी के खिलाफ फ़ौरन एफआईआर दर्ज कराई जायेगी. मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद ट्रालर और डीसीएम के मालिकों और चालकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

टीम-11 की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बार्डर से लगे सभी जिलों के जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वह दो-दो सौ बसों का इंतजाम रखें और इनके ज़रिये वह मजदूरों को उनके घर भेजने का इंतजाम करें. वह यह भी सुनिश्चित करें कि न तो कोई मजदूर पैदल सफ़र करता हुआ मिले और न ही असुरक्षित वाहन पर सवार होकर जाता हुआ मिले.

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मुख्यमंत्री ने मजदूरों को भी सन्देश भेजा है कि सरकार उन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है. वह किसी भी सूरत में न पैदल चलें और न ही किसी असुरक्षित वाहन से सफर करें. सरकार ट्रेनों के ज़रिये उन्हें निशुल्क लायेगी और उनके भोजन-पानी का इंतजाम करेगी. प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश में लगभग एक लाख मजदूर रोजाना यूपी में आ रहे हैं.

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