यूपी में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 332 तक पहुंचा, आगरा में मिले 13 नए मरीज

  • उत्तर प्रदेश में मंगलवार को 15 नए मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि
  • आगरा के 13 नए मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि
  • आगरा में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 67 हो
  • लखनऊ और आज़मगढ़ के 1-1 नए मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि

 

न्‍यूज डेस्‍क

यूपी में कोरोना पॉजिटिव के सबसे ज़्यादा मरीज नोएडा में थे। नोएडा में 5 अप्रैल तक 58 केस सामने आ चुके थे। इन आंकड़ों के चलते ही रातों-रात डीएम की बदली की गई थी, लेकिन अब नोएडा जैसे हालात आगरा में बन रहे हैं। ताजा रिपोर्ट के बाद अब आगरा में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 67 हो गई है।

आगरा में कई डॉक्टर और स्टॉफ भी पॉजिटिव पाया गया है। आगरा का अब जो नंबर बढ़ा है, उसकी वजह मरकज़ से जुड़े लोग हैं। लखनऊ, गाजियाबाद और सहारनपुर को छोड़कर बाकी के सभी ज़िले कंट्रोल में हैं। किसी और दूसरे ज़िले में कोरोना पॉजिटिव के केस डबल डिजिट में नहीं पहुंचे हैं।

मंगलवार को 15 नए मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुआ, जिसमें से 13 मरीज आगरा में मिले हैं। आगरा के सभी मरीज SNMC अस्पताल में भर्ती हैं। इसी के साथ आगरा में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 67 हो गई है जो यूपी के किसी शहर में सबसे ज्यादा है। आगरा के एसआर अस्पताल में डॉक्टर और उनके बेटे में पॉजिटिव पाया गया था।

अधिकारियों का दावा है कि दोनों पिता-पुत्र कई दिन तक अपने ही अस्पताल में छिपे रहे। लेकिन जब पुलिस-प्रशासन को पता लगा तो उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, 1-1 मरीज लखनऊ और आज़मगढ़ में मिले हैं। आज के मरीजों को मिलाकर उत्तर प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 332 पहुंच गई है।

आज के 13 नए मरीजों को मिलाकर आगरा में 67 कोरोना पॉजिटिव मरीज हो गए है। इसके अलावा नोएडा में 58 ; मेरठ में 33 ; गाजियाबाद और लखनऊ में 23 ; सहारनपुर और शामली में 17-17 ; कानपुर और सीतापुर में 8-8 ; वाराणसी में 7 ; बरेली और महाराजगंज में 6-6 ; गाजीपुर, गाजीपुर और बस्ती में 5-5 ; लखीमपुरखीरी, फिरोजाबाद, आजमगढ़ और हाथरस में 4-4 ; जौनपुर, हापुड़, प्रतापगढ़ और बुलंदशहर में 3-3 ; बागपत, पीलीभीत, मिर्जापुर, मथुरा, रायबरेली, बांदा और मुरादाबाद में 2-2 ; औरैया, बाराबंकी, बदायूं, हरदोई और कौशांबी में 1-1 मरीज हैं।

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सभी की सुरक्षा के लिए लॉक डाउन बेहद जरूरी है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी में पिछले 4 से 5 दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिसमें बड़ी संख्या में तबलीगी जमात के लोग शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि हम स्थिति से हर संभव तरीके से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास टेस्टिंग के लिए लैब नहीं थी लेकिन अब हमारे पास 10 लैब हैं। हमने कोविड केयर फंड स्थापित किया है, ताकि टेस्टिंग की सुविधाएं बेहतर हो सकें। सीएम ने कहा कि इसके साथ ही हम ज्यादा पीपीई, टेस्टिंग किट्स और वेंटिलाइजर्स की व्यवस्था कर रहे हैं।

सीएम ने कहा कि प्रदेश के सभी 24 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया गया है। इनमें से 10 में पहले से ही कोरोना टेस्ट करने की सुविधा है, बाकी 14 मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही लैब स्थापित कर दी जाएगी। सीएम ने कहा कि इसी क्रम में हम प्रदेश के हर जिले में कोरोना कलेक्शन सेंटर स्थापित कर रहे हैं।

यूपी में अभी तक 6073 लोगों के नमूने जांच के लिए लैब में भेजे जा चुके हैं और इसमें से 5595 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वही 170 की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम ने सोमवार को 20341 ऐसे लोगों को चिन्हित किया जो चीन या फिर किसी दूसरे देश की यात्रा करके यूपी वापस लौटे हैं। फिलहाल इन लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। यूपी में अब तक 62863 ऐसे लोग चिन्हित किए जा चुके हैं।

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