किसने कराई ‘सरकार’ की फोन टैंपिंग

न्यूज डेस्क

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेताओं की फोन टैंपिंग का मामला बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को इस मामले में उद्धव सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। ये फ़ोन टैपिंग चुनाव नतीजों के आने के बाद सरकार बनाने की कोशिश के दौरान की गई थी।

बताया जा रहा है कि जिन नेताओं के फ़ोन टैप किये गये हैं। उनमें शरद पवार, उद्धव ठाकरे और संजय राउत शामिल है। इस खबर के सामने आने के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि मैं बाल ठाकरे का चेला हूं, जो कुछ करता हूं, खुले तौर पर करता हूं। इससे पहले संजय राउत ने एक वरिष्ठ बीजेपी नेता का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें पहले ही इस बारे में आगाह किया गया था।

गृहमंत्री ने दिए जांच के आदेश

जबकि महाराष्ट्र कैबिनेट में मंत्री अनिल देशमुख ने इस बारे में बताया कि महाराष्ट्र चुनाव के दौरान गैर बीजेपी नेताओं के फोन टैप किए जा रहे थे। इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गये हैं। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए मुंबई साइबर सेल को तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि इससे पता चलेगा कि किन अन्य विपक्षी नेताओं की फोन टैपिंग हो रही थी। इस बात में कोई शक नहीं कि पिछली सरकार के दौरान विपक्ष के नेताओं के फोन टैपिंग के लिए व्यवस्था का गलत फायदा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मुंबई साइबर सेल को अध्ययन के लिए इसराइल भेज दिया गया था।

क्या बोले देवेंद्र फडणवीस

वहीं, इस मामले में पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि इस तरह की घटना महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति में नहीं है। इस तरह का कोई भी आदेश राज्य सरकार ने कभी नहीं दिया। फिलहाल जिन लोगों ने शिकायत की है उनके बारे में भी लोग जानते हैं कि वो कितने भरोसेमंद हैं।

अगर सरकार किसी तरह की कोई भी जांच कराना चाहती है तो वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। महाराष्ट्र के लोगों को सच्चाई पता है। सरकार जितनी जल्दी हो इसकी जांच करें साथ ही रिपोर्ट को सार्वजनिक करें।

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