‘शासन करने वाला अपने में ही मस्त है, जनता हर मोर्चे पर त्रस्त है’

न्यूज डेस्क

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला हैं। देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश में सत्ता पर काबिज लोग अपने में ही मस्त हैं, जबकि आम लोग हर मोर्चे पर त्रस्त हैं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर मोदी पर निशाना साधा। प्रियंका ने ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने अमेरिका में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम किया इसके बाद भी अमेरिका ने भारतीय लोगों के लिए एच-1बी वीजा में कमी कर दी।

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कि देश में अर्थव्यवस्था की हालत एकदम पतली है। सेवा क्षेत्र औंधे मुंह गिर चुका है। रोजगार घट रहे हैं। शासन करने वाला अपने में ही मस्त है, जनता हर मोर्चे पर त्रस्त है।

प्रियंका ने एक और ट्वीट किया और कहा कि भाजपा सरकार से यह सवाल तो सबको पूछना चाहिए कि उसके कार्यकाल में किसकी भलाई हो रही है। प्रधानमंत्री जी अमेरिका जाकर अपना ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम तो कर आए लेकिन अमेरिका ने वहां काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय लोगों के एच-1बी वीजा खारिज करने में बढ़ोतरी कर दी।

वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की तरफ से उनके परिवार ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 2012 में तत्कालीन संप्रग सरकार का आरसीईपी देशों के साथ बातचीत का फैसला और 2019 में कांग्रेस की मोदी सरकार को समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने की सलाह देना, दोनों सही हैं। हालांकि दोनों समय के बीच फर्क सिर्फ अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर है।

पी. चिदंबरम की यह प्रतिक्रिया भारत के क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) समझौते में शामिल नहीं होने के फैसले के बाद आई। भारत ने कहा था कि वह आरसीईपी समझौते में शामिल नहीं होगा क्योंकि बातचीत उसके मसलों और चिंताओं को समाधान करने में विफल रही है।

चिदंबरम ने ट्वीट में कहा कि 2012 में आरसीईपी देशों के साथ जुडऩे का तत्कालीन संप्रग सरकार का फैसला सही था। 2019 में आरसीईपी समझौते पर सरकार को रोकने और हस्ताक्षर नहीं करने की कांग्रेस की सलाह भी सही है।

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