पश्चिम बंगाल : दुर्गा पूजा पांडाल में अजान बजने से फिर गरमाई सियासत

जुबिली न्यूज़ डेस्क

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक दुर्गापूजा पांडाल में अजान बजने का मामला विवाद का रूप लेता जा रहा है। दरअसल कोलकता में एक पांडाल में कथित तौर पर अजान की रिकॉर्डिंग बजने से जो विवाद पैदा हुआ है उसमें जानकारी के अनुसार आयोजकों पर केस दर्ज हो चुका है।

आयोजकों पर वकील शांतनु सिन्हा ने बेलियाघाट 33-पल्ली पूजा के आयोजकों के ख़िलाफ़ हिंदू भावनाओं को आहत करने की शिकायत करते हुए ई-मेल से बेलियाघाटा थाने को शिकायत भेजी है।

बता दें कि कोलकाता के बेलीघाटा 33 पल्ली दुर्गापूजा पंडाल में यह अजान बजते सुना गया। हालांकि आयोजकों का तर्क है कि धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए यहां पंडाल में मंदिर, मस्जिद और चर्च तीनों को शामिल करने की कोशिश की गई है। इसी के तहत अजान के साथ-साथ मंत्रोच्चार और चर्च की घंटी के आवाज को भी शामिल किया गया।

इसको लेकर वकील शांतनु सिंघा ने कहा, ‘कोई भी मुस्लिम हर 5 मिनट में ‘अजान’ की आवाज को लेकर उसकी सराहना नहीं करेगा। यह पूरी तरह से राजनीतिक है।’ उन्होंने आगे कहा, मुझे बताइए कि पूजा पंडाल में अजान से सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में कैसे मदद मिलेगा? मैंने एक व्यक्ति के रूप में यह शिकायत दर्ज की है। अगर मस्जिद से गीता का पाठ किया जाता है तो मुझे दुख होगा। इसी तरह मुझे दुर्गा पूजा पंडाल में अजान से दुख है।

मिली जानकारी के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक परेश पाल इस दुर्गापूजा समिति के संरक्षक हैं। उन्होंने इस विवाद को निराधार बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

एक स्थानीय निवासी तारकेश्वर पाल का कहना है कि, “सभी धर्मों का सम्मान करना अच्छी बात है लेकिन पांडाल में अजान बजना अलग क्योंकि सब धर्मों का सम्मान करने का मतलब यह नहीं है कि हमें दूसरे धर्मों के रीति-रिवाजों का पालन भी करना होगा। पूजा के पंडाल से अजान बजाना ग़लत है।” उनका सवाल है कि क्या ईसाई या मुस्लिमों के त्योहार के दौरान हिंदू देवी-देवताओं की गीत या भजन चलाए जाते हैं?”

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