पूरे देश में एक भाषा का होना जरूरी है

जुबिली न्यूज़ डेस्क 

भारत में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिन्दी ने आज बेशक अपना दायरा बढ़ाया है। विश्व स्तर पर इसका आकर्षण दिनोंदिन बढ़ रहा है। लेकिन हिन्दी सरकारी कामकाज की भाषा बनने के लिए संघर्ष कर रही है।

हिन्दी भाषा को पूरे देश में अब तक मान्यता नही मिल पाई है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्र को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत कई भाषाओं का देश है और हर किसी का अपना महत्व है। लेकिन पूरे देश में एक भाषा का होना बेहद जरूरी है, जो दुनिया में उसकी पहचान बने। आज भारत को एकता की डोर में बांधने का काम कोई भाषा कर सकती है तो वह हिंदी है।

गृहमंत्री ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के सपनों को साकार करने के लिए रोजमर्रा के कामों में हिंदी का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया। हिंदी देश की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘आज हिंदी दिवस के अवसर पर मैं देश के सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि हम अपनी-अपनी मातृभाषा के प्रयोग को बढ़ाएं और साथ में हिंदी भाषा का भी प्रयोग कर पूज्य बापू और लौह पुरुष सरदार पटेल के देश की एक भाषा के स्वप्न को साकार करने में योगदान दें। हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं’।

गृहमंत्री ने कहा कि इस दुनिया में कई देश हैं जिनकी भाषाएं विलुप्त हो गई हैं। जो देश अपनी भाषा खोता है वह अपना अस्तित्व भी खो देता है। जो देश अपनी भाषा खो देता है, वह अपनी संस्कृति को संरक्षित नहीं कर सकता।

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