इस्लामिक बैंक के नाम पर 30 हजार मुस्लमानों को ठगने वाला गिरफ्तार

न्‍यूज डेस्‍क

इस्लामिक बैंक के नाम पर करीब 30 हजार मुस्लमानों को ठगने वाला आई मॉनिटरी अडवाइजर (IMA) का संस्‍थापक मंसूर खान को शुक्रवार की सुबह दिल्‍ली एयरपोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। ईडी उसे हिरासत में लेकर अब पूछताछ में जुटी है। ईडी की टीम पोंजी घोटाला मामले में मंसूर खान को पूछताछ के लिए दिल्ली के स्थित ED कार्यालय ले गई है।

बता दें कि पोंजी स्कीम एक तरह की धोखाधड़ी है, जिसमें निवेशकों को लुभाने के लिए नए निवेशकों से लिए गए पैसे पुराने निवेशकों को लाभ के तौर पर दे दिया जाता है। मंसूर खान पर इस्लामिक बैंक के नाम पर हजारों लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है।

इस बीच, खबर है कि मंसूर खान से पूछताछ के लिए बेंगलुरु से भी एक अधिकारियों की टीम पूछताछ के लिए दिल्ली आ रह है। इससे पहले मंसूर खान ने एक वीडियो जारी भारत लौटने की बात कही थी। मंसूर खान ने कहा था कि मैं अगले 24 घंटे में भारत लौटूंगा, मुझे भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उसने कहा था कि भारत छोड़ना उसकी सबसे बड़ी गलती थी, लेकिन हालात ऐसे बन गए थे कि देश छोड़कर जाना पड़ा।

मंसूर ने कहा था, मैं ये भी नहीं जानता कि मेरा परिवार कहा है? उसने देश वापस आने के बाद सबसे पहले बेंगलुरु में अपने परिवार से मिलने की इच्छा जाहिर की थी।

मंसूर खान पर इस्लामिक बैंक के नाम पर करीब 30 हजार मुस्लमानों को ठगने का आरोप है। मंसूर खान पर आरोप है कि वह करीब 2000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दुबई भाग गया था।

आईएमए ने अपनी स्कीम में 14 से 18 फीसदी के भारी रिटर्न का लालच देकर हजारों निवेशक को धाखा दिया था, जिसके बाद करीब 25 हजार लोगों ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।पुलिस ने आईएमए जयनगर के दफ्तर में और मंसूर खान के घर में छापा मारा था, जिसमें करोड़ों रुपये की ज्वैलरी और दस्तावेज जब्त किए थे।

गौरतलब है कि धोखाधड़ी के इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंसूर खान के खिलाफ जून में तीसरा समन जारी किया था। इसके तहत मंसूर खान को 3 जुलाई को ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। लेकिन दुबई से नहीं आया और वहीं छुपा रहा।

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