क्‍या सच में जाति-धर्म को देखकर योगी सरकार काम कर रही है

न्‍यूज डेस्‍क

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही अपराधिक घटनाओं से जनता त्रस्त है। वहीं अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। रेप, लूट, हत्‍या जैसे वारदातों से प्रदेश में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। प्रदेश की मुखिया योगी आदित्‍यनाथ लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं और यूपी पुलिस के आला अफसरों पर प्रदेश की कानून व्‍यवस्‍था को सही करने का दबाव बना रहे हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

इस बीच यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज राज्यपाल राम नाइक से मुलाकात की  और प्रदेश की कानून व्यवस्था के मद्दे पर बात की। अखिलेश ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

अखिलेश यादव ने राज्यपाल से कहा कि वो कानून व्यवस्था पर सरकार को जगाएं। अखिलेश यादव ने राज्य में जंगलराज होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सपा नेता आजम खान के खिलाफ झूठे मुकदमे किए गए हैं। राज्यपाल से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने अपराधियों को खुली छूट दे रखी है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की नव निर्वाचित महिला चेयरमैन दरवेश यादव की आगरा कचहरी में हत्या का जांच हाईकोर्ट के जज से करवाने की मांग की थी।

उन्होंने कहा था कि एक तरफ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बैठकें हो रही हैं और वहीं दूसरी तरफ अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बार काउंसिल की अध्यक्ष की हत्या इसका प्रमाण है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि प्रदेश में जाति और धर्म को देखकर प्रशासन काम कर रहा है।

इसके बाद अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपने की बात कही थी। अखिलेश यादव ने सूबे की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा था। बता दें कि 13 जून को दरवेश यादव के अंतिम संस्कार से लौटते वक्त मैनपुरी में अखिलेश यादव ने कहा था कि राज्य में कानून व्यवस्था फेल है और प्रदेश में जंगल राज है।

 

वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में बच्चियों के साथ दरिंदगी और महिलाओं के खिलाफ आपराधिक घटनाओं से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से दो टूक कह दिया है कि कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए डीएम और एसएसपी संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। इस मोर्चे पर कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अलीगढ़, हमीरपुर और कुशीनगर में बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहे जितने विकास कार्य करा दे, लेकिन ऐसी घटनाएं उसकी छवि पर दाग लगा देती हैं। प्रदेश की सभी 18 पुलिस रेंज और जिलों में पॉक्सो एक्ट और बाल अपराधों से जुड़े 10-10 मामलों को चिह्नित कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाई जाए। उन्होंने बाराबंकी में जहरीली शराब कांड को लेकर भी नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डीएम-एसपी रोज अनिवार्य रूप से सुबह नौ से दस बजे तक लोगों की समस्याएं सुनें। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ïफुट पैट्रोलिंग और यूपी 100 के वाहनों के रूट को नए सिरे से निर्धारित करने के लिए कहा। हर थाने में टॉप 10 अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें।

 

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