ममता के सामने नारेबाजी पर नुसरत ने क्या कहा

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थे लेकिन इस दौरान विवाद तब देखने को मिला जब मंच पर ममता बनर्जी ने बोलने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि किसी को बुलाकर अपमान करना ठीक नहीं है। दरअसल, जब सीएम ममता को मंच पर बोलने के लिए बुलाया गया उसी दौरान कुछ लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाना शुरू कर दिया है।

इस बात ममता बनर्जी नाराज हो गई और कहा कि सरकार के प्रोग्राम का एक सम्मान होना चाहिए। मैं आभारी हूं पीएम मोदी और सांस्कृतिक मंत्रालय का कि उन्होंने समारोह का आयोजन कराया।

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उन्होंने कहा कि किसी को कार्यक्रम में बुलाकार बेइज्जती करना शोभा नहीं देता है। ममता बनर्जी ने जय हिंद,जय बांग्ला कहकर अपने संबोधन खत्म किया। इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने नाराजगी जाहिर की है।

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नारेबाजी को लेकर टीएमसी की सांसद नुसरत जहां ने कहा कि राम का नाम गले लगाके बोलें, ना कि गला दबाके। नुसरत जहां ने एक ट्वीट के माध्यम से अपनी बात रखी है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि राम का नाम गले लगाके बोले ना कि गला दबाके।

मैं स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह में राजनीतिक और धार्मिक नारेबाजी की कड़ी निंदा करती हूं। नुसरत जहां ने कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम था।

नुसरत यहीं नहीं रूकी उन्होंने अगले ट्वीट में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ऐसे नेता थे जिन्होंने बंगाल को उत्पीडऩ के खिलाफ लडऩा सिखाया था। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान हर भारतीय के मन में रहेगा! देश नायक दिवस पर, बंगाल महान नेताजी को नमन करता है।

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