जुबिली स्पेशल डेस्क
दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। प्रदर्शन में शामिल चार लोगों को पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने शर्टलेस विरोध को कड़ी आपत्ति के साथ “अशोभनीय” बताया, जबकि विपक्ष के कई नेताओं ने भी इस पर नाराजगी जताई है।
मायावती ने जताई कड़ी आपत्ति
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का था, जिसमें देश-विदेश के प्रमुख लोग शामिल हुए थे। ऐसे मंच पर अर्द्धनग्न होकर विरोध जताना निंदनीय है और इससे देश की छवि प्रभावित होती है।
इस पर यूथ कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि वे देश के मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
जगन मोहन रेड्डी और KTR की प्रतिक्रिया
वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर इस तरह का आचरण देश को शर्मिंदा करता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर एकजुटता दिखाना जरूरी है।
वहीं केटी राम राव (KTR) ने कहा कि छोटे राजनीतिक प्रदर्शन के लिए वैश्विक समिट का मंच चुनना गलत है। लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन विरोध का समय और स्थान उचित होना चाहिए।
टीडीपी की भी आलोचना
आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी के महासचिव लोकेश नारा ने कहा कि इस घटना से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को ठेस पहुंची है। उनके मुताबिक यह मंच भारत की AI क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक भूमिका को दिखाने के लिए था, लेकिन इसे राजनीतिक विवाद में बदल दिया गया।
AI इम्पैक्ट समिट में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक मर्यादा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आचरण को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।
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