क्या ‘ऑपरेशन लोटस पर ऑपरेशन लालटेन भारी पड़ेगा’?

पटना। बिहार की सियासत इस वक्त काफी घमासान देखने को मिल रहा है। नीतीश कुमार ने बीजेपी से दोबारा हाथ मिलाकर सत्ता पर फिर काबिज हो गए है लेकिन उनका असली टेस्ट कल यानी फ्लोर टेस्ट होना है।

इसको लेकर राजद और जदयू खेमे आमने सामने हैं। बिहार में नीतीश सरकार को बचाना इस बार आसान नहीं होगा क्योंकि तेजस्वी यादव इस बार नीतीश कुमार को माफ नहीं करने वाले हैं और जदयू को सबक सीखाने का मन बना चुका है।

नीतीश सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी के घर पर आज शाम 5 बजे जदयू विधानमंडल दल की बैठक है. बैठक के बाद विधायकों के लिए रात्रि भोज कराने की योजना है जबकि उधर तेजस्वी यादव के घर पर आरजेडी विधायक भी एकजुट है और उनके खेमे भी हलचल तेज है।

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जदयू विधायकों की एकजुट रखना नीतीश कुमार के लिए अब चुनौती है क्योंकि कल मंत्री श्रवण कुमार के घर पर लंच का आयोजन किया गया था। हालांकि, इसमें 45 में से 39 जदयू विधायक ही पहुंचे थे।

पार्टी का कहना था कि जो 6 विधायक नहीं पहुंचे थे। ऐसे में उनको मनाने की पूरी कोशिश की जा रही है। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी के ताजा बयान से एक बार फिर बिहार की सियासत में हलचल मच गई है और नीतीश कुमार अगर सरकार बचा भी लेते हैं तो भी इस बात की कोई गैरेंटी नहीं है कि ये सरकार कितने दिन बचे रहेगी।

आखिर विधायकों के टूटने की आशंका के पीछे कोई बड़ा सियासी खेल भी होने की बात कही जा रही है। तेजस्वी यादव ने भी नीतीश कुमार के पाला बदलने पर तीखा हमला बोला था और कहा था कि अभी खेल होना बाकी है।

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