इस बार भाजपा के लिए क्यों खास है महिला दिवस?

जुबिली न्यूज डेस्क

इस बार महिला दिवस भाजपा के लिए खास है। खास इसलिए, क्योंकि भाजपा की दो वरिष्ठï महिला नेता इसी दिन शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में हैं। दोनों ही महिला नेता पूर्व मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। लेकिन बड़ी बात यह है कि दोनों महिला नेताओं के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी से भाजपा में खुशी का माहौल नहीं है बल्कि भाजपा में बैचेनी देखी जा रही है।

भाजपा की वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया आठ मार्च को महिला दिवस के मौके पर अलग-अलग तरह से शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है।

दरअसल ये दोनों महिला नेता अपने राज्य में पकड़ मजबूत करने और खो रही अहमियत फिर से पाने के लिए दोनों मैदान में है। इसलिए इस बार का महिला दिवस भाजपा की अंदरूनी राजनीति के लिए खास है।

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी उमा भारती जहां शराबबंदी अभियान के जरिए अपनी मौजूदगी का अहसास कराने की कोशिश में हैं तो वहीं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और उनके समर्थक भी 8 मार्च को शक्ति प्रदर्शन कर सकते हैं।

दरअसल 8 मार्च को वसुंधरा राजे का जन्मदिन है और उनके समर्थन इस दिन को खास बनाने की तैयारी में हैें।

उमा का शराबबंदी अभियान

पिछले दिनों उमा भारती ने ऐलान किया था कि वह राज्य में शराबबंदी के खिलाफ 8 मार्च से शराबबंदी अभियान शुरु करेंगी।

जानकारों के मुताबिक उमा इस अभियान के माध्यम से सक्रिय राजनीति में वापसी करने जा रही हैं। काफी समय से वह अलग-थलग पड़ी हुईं हैं।

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उमा भारती ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। उस समय उन्होंने कहा था कि वह संगठन के लिए काम करना चाहती हैं।

हालांकि बाद में कहा गया कि उन्होंने खजुराहों या भोपाल से चुनाव लडऩे की इच्छा जतायी थी लेकिन पार्टी ने नहीं माना।

पिछले महीने उन्होंने ट्वीट कर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मांग की थी कि भाजपा शासित राज्यों में शराबबंदी की तैयारी की जाए। लेकिन उनकी इस मांग को कोई तव्वजो नहीं मिली।

लेकिन अब उमा भारती ने शराबंदी के अभियान को शुरु करने के लिए कमर कस लिया है। दरअसल भाजपा की चिंता यह है कि यदि यह अभियान जोर पकड़ता है तो आने वाले समय में शिवराज सिंह चौहान के लिए सिरदर्द बन सकता है।

जब उमा भारती ने नड्डा से शराबबंदी की मांग की थी तो यह भी कहा था कि राजनीतिक दलों ने चुनाव जीतने का दबाव रहता है। उन्होंने बिहार में बीजेपी की जीत का हवाला भी दिया था कि शराबबंदी के कारण ही महिलाओं का एकतरफा वोट नीतीश कुमार को मिला।

उमा भारती ने यह भी कहा था कि अगर देखा जाए तो सरकारी व्यवस्था ही लोगों को शराब पिलाने की व्यवस्था करती है।

फिलहाल अब देखना होगा कि उमा के इस अभियान को कितना जन समर्थन मिलता है और कितना भाजपा कार्यकर्ता सपोर्ट में आते हैं। यह भी देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान उनके सक्रिय राजनीति में आने की कोशिशों में कितनी मदद करती है।

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राजस्थान भाजपा में गुटबाजी

राजस्थान भाजपा में लंबे समय से गुजबाजी चल रही है। एक तरफ प्रदेश संगठन है तो दूसरी ओर वसुंधरा राजे और उनके समर्थक।

राजे समर्थकों ने तो राजस्थान में वसुंधरा राजे समर्थक मंच भी बना दिया है। इस मंच ने कई जिलों में अपने पदाधिकारी भी बनाया है।

महिला दिवस व वसुंधरा राजे के जन्मदिवस के मौके पर उनके समर्थकों ने रैली की योजना बनाई है। प्रदेश के कई जिलों में कार्यक्रम की तैयारी है। कहा जा रहा है कि राजे खुद धार्मिक यात्रा की शुरुआत कर सकती हैं।

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