उत्तर प्रदेश में सरकार ने क्यों लगाई धारा 144?

जुबिली न्यूज डेस्क

दिल्ली की सीमा पर पिछले तीन माह से चल रहे किसान आंदोलन की आग अब देश के अगल-अलग राज्यों में पहुंचने लगा है। किसान नेता लगातार देश के राज्यों में दौरा कर रहे हैं और आंदोलन को धार देने की अपील कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में भी किसान आंदोलन की संभावनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने 5 अप्रैल तक के लिए लखनऊ में धारा 144 लागू कर दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले से ही किसानों का आंदोलन चल रहा है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है कि विभिन्न राजनीतिक दलों और किसान संगठनों के द्वारा किसान आंदोलन आयोजित किया जा सकता है, जिससे शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। इसलिए लखनऊ प्रमंडल में धारा लगायी जा रही है।

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उत्तर प्रदेश में कई जिलों में पिछले कई दिनों से अलग-अलग राजनीतिक दलों के द्वारा किसान महापंचायत का आयोजन भी किया जा रहा है। इन महापंचायतों में भारी भीड़ उमड़ रही है।

किसान आंदोलन को लेकर योगी आदित्यनाथ पहले से ही कई नेताओं पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगा रहे हैं। पिछले दिनों एक चैनल पर बातचीत के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि क्या योगेन्द्र यादव और हन्नान मोल्लाह किसान हैं। ये लोग आंदोलनजीवी हैं, परजीवी हैं और विघटनकारी गतिविधियों की अगुवाई करते हैं।

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साथ ही योगी ने कहा था कि किसानों की मेहनत पर जीवित रहने वाले लोग या विदेशी जूठन पर जीवित रहने वाले लोग ही किसानों को गुमराह कर रहे हैं। ये लोग किसानों के साथ अपराध कर रहे हैं।

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