हमास ने अस्पताल के लिए इजराइली ईंधन लेने से क्यों किया इनकार?

जुबिली स्पेशल डेस्क

इजरायल और हमास के बीच जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है और इस जंग में आम लोगों की खूब जान जा रही है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक गाजा में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद दोनों अपने कदम पीछे करने को तैयार नहीं है।

जानकारी मिल रही है कि अब तक 12 हजार से ज्यादा लोग मौत की नींद सो गए है और अब भी कई हजार लोग गम्भीर रूप से घायल है। उधर गाजा का सबसे बड़ा शिफा अस्पताल अब ईंधन की भारी कमी से जूझ रहा है और एक बड़ी त्रासदी की मार झेल रहा है लेकिन इसके बावजूद वो किसी भी तरह से इजराइली ईंधन नहीं लेना चाहता है।

दरअसल इजराइली सुरक्षा बलों का कहना है कि उसके सैनिकों ने शिफा अस्पताल को 300 लीटर ईंधन पहुंचाया है, ताकि अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था जारी रह सके, लेकिन हमास ने अस्पताल के लिए ईंधन लेने से मना कर दिया है।

आईडीएफ ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा कि उनके सैनिकों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए चिकित्सा उद्देश्य से शिफा अस्पताल में 300 लीटर ईंधन पहुंचाया, लेकिन हमास ने अस्पताल को इसे लेने से मना कर दिया।

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आईडीएफ ने बताया कि गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय बीते कई हफ्तों से चेतावनी दे रहा है कि उसके अस्पतालों में ईंधन खत्म हो रहा है, अगर ऐसा है तो वो अस्पताल को इसे लेने से क्यों रोक रहे हैं।

बता दें कि हमास के साथ इजऱायल के जंग को अब एक महीने का वक्त पूरा होने जा रहा है लेकिन अब भी दोनों तरफ से जोरदार जंग जारी है।

पीएम नेतन्याहू ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को चेतावनी दी कि अगर वो लेबनान में अपने बेस से युद्ध में एक नया मोर्चा खोलता है तो “वह अपने जीवन की बड़ी गलती करेगा।

बता दें कि इजऱायल-हमास के बीच वार 7 अक्टूबर को शुरू हुआ और अब भी लगातार जारी है। इसके साथ ही हमास के लड़ाके गाजा पट्टी से निकलकर दक्षिणी इजऱाइल में घुस गए और फिर खून खराबा का दौर शुरू हो गया था।

 

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