झारखंड नतीजों के बाद सीएम योगी क्यों हो रहे हैं ट्रोल

न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीजेपी के स्टार प्रचारक है। किसी भी राज्य का चुनाव हो, बीजेपी उन्हें चुनाव प्रचार के लिए भेजती ही है। झारखंड में भी योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार करने गए थे। राज्य की जामताड़ा सीट पर कट्टर हिंदुत्ववादी छवि वाले योगी ने बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार किए थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी इरफान अंसारी पर निशाना साधा था। अब जब चुनाव परिणाम आ चुका है तो योगी को लोग ट्रोल कर रहे हैं।

16 दिसंबर को झारखंड की जामताड़ा क्षेत्र चुनावी सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ‘कोई इरफान अंसारी जीतेगा तो मंदिर तो नहीं ही बनायेगा। मंदिर बनाने के लिए तो कोई बिरेंद्र मंडल चाहिए ना। जो आप सबके साथ एक-एक शिला लेकर अयोध्या पहुंच सके और भव्य राम मंदिर निर्माण में योगदान दे सके। भाईयों-बहनों ये केवल एक मंदिर नहीं है ये भगवान राम की जन्मभूमि में बनने वाला राष्ट्र मंदिर है, जिस पर भारत की आत्मा विराजमान होगी। जो भारत के लोकतंत्र की ताकत का अहसास दुनिया को कराएगा।’

चुनाव नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री योगी का ये दांव उल्टा पड़ गया। पिछली बार करीब नौ हजार वोट से जीतने वाले इरफान इस बार अपने प्रतिद्वंदी बीजेपी उम्मीदवार बिरेन्द्र मंडल को करीब 39000 मतों से हराया है।

कांग्रेस प्रत्याशी अंसारी की जीत पर सोशल मीडिया यूजर्स योगी को ट्रोल कर रहे हैं। लोग तरह-तरह का कमेंट कर रहे हैं। लोग लिख रहे हैं कि योगी बाबा हर जगह हिंदू मुस्लिम और मंदिर-मंस्जिद की राजनीति नहीं चलती…कुछ काम करिए।

यूजर्स मुख्यमंत्री योगी से सवाल कर रहे हैं कि बताइए अब मंदिर बनेगा या नहीं।

https://twitter.com/ImRaushan10/status/1209329993790185474

https://twitter.com/i_Pratistha/status/1209305885316501504

https://twitter.com/Parwezk911/status/1209078153899061250

मालूम हो कि झारखंड चुनाव में बीजेपी सत्ता से बाहर हो गई है। राज्य में जेएमएम और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। 27 दिसंबर को हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 27 को ही हेमंत सोरेन के साथ जेएमएम के 6, कांग्रेस के 5 और आरजेडी के कोटे से एक मंत्री शपथ लेंगे।

झारखंड में बीजेपी को करारी हार मिली है। पिछले विधानसभा चुनाव में 37 सीट जीतने वाली बीजेपी को इस चुनाव में मात्र 25 सीटें मिली। वहीं बीजेपी की सहयोगी रही आजसू पिछली विधानसभा में सिर्फ आठ सीटें लड़कर पांच सीटों पर जीती थी, जबकि इस बार उसने 53 सीटें लड़कर महज दो सीटें जीत पाई।

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