Thursday - 8 January 2026 - 4:06 PM

140 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाला देश आखिर किसके भरोसे ?

स्मिता जैन”रेवा “

140 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाला देश आखिर किसके भरोसे है क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 70 बार करीब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कह चुके हैं कि भारत पाकिस्तान का युद्ध मैंने रुकवाया ।

उसके बाद अब तो चीन ने भी कहना चालू कर दिया है कि उसने युद्ध रुकवाया। आखिर यह समझ में नहीं आता कि भारत सरकार अपनी तरफ से एक बार खंडन क्यों नहीं कर रही  हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया जा रहा है । ऐसा लगता है कि यह दबाव सिर्फ इसलिए बनाया जा रहा है ताकि भारत की सरकार दबाव में अमेरिका और चीन से आयत करें और उन देशों को अर्थव्यवस्था को मजबूती दे।

हमारे देश के बहुत सारे लोग जो कि इसराइल मॉडल को सपोर्ट करते हैं लेकिन इसराइल के नेतन्याहू के कॉन्फिडेंस से और बोलने की क्षमता और कूटनीतिक तरीके से जवाब भी दे सकते हैं लेकिन हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री जी तो टेलीप्रॉन्पटर की मदद से बोलते हैं जो उन्हें लिखकर दे दिया जाता है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मामले पर चुप रहते हैं।

आखिर किसके भरोसे देश को छोड़ दिया गया है ।देश के लोगों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है कि कुछ दिन का समय दो सब समस्याएं अपने आप हल हो जाएगी लेकिन अब समस्या महाविकराल रूप लेती जा रही हैं क्योंकि भारत एक आयात का स्थान बन चुका है, विश्व का सबसे बड़ा बाजार जहां के प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल को डरा कर किसी भी प्रकार का काम विदेशी शक्तियां करवा सकती हैं।

क्या ये मतलब है कि हमारे देश के मुखिया का जब वह हथियारों की खरीदी तो करते हैं लेकिन हथियारों का उपयोग करना नहीं जानते । क्या उन्हें सिर्फ भारत में हिंदू मुसलमान को लड़ना आता है और विश्व स्तर पर चुप्पी साथ लेते हैं तो ऐसी स्थिति में यह लगता है कि आखिर यह देश चल किसके भरोसे रहा है?

क्यों भारत के मामलों में अमेरिका और चीन अपनी अपनी टांग अड़ा रहे हैं और भारत के प्रधानमंत्री जी चुपचाप मुंह पर उंगली रखकर बैठे हुए हैं और देश के गृहमंत्री जो कि सिर्फ हिंदू मुसलमान ही मुद्दों पर अपनी बात करते हैं और विदेश मंत्री जी जो की यात्राएं तो बहुत करते हैं लेकिन कोई भी स्ट्रेटजी उनके पास नहीं है और आम जनता से वह यह कहते हैं कि चीन एक बड़ा देश है हम उस का मुकाबला नहीं कर सकते और अमेरिका के मुद्दे पर तो जैसे सभी को सांप सूंघ गया है। और देश की रक्षा मंत्री तो सिर्फ कठोर कार्यवाही करेंगे जैसे बयान देखकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं और उनके कठोर कार्यवाही जमीन पर कहीं नजर नहीं आती।

सिर्फ हमारे देश के राष्ट्रीय अध्यक्ष पाकिस्तान या थोड़ा बहुत अब बांग्लादेश को लेकर बोलने लगे हैं । बांग्लादेश को लेकर भी वह भी जब तक पश्चिम बंगाल का चुनाव है क्योंकि वह उन्हें इसमें हिंदू मुसलमान का मजबूत एंगल दिख रहा है।

क्या देश की समस्याओं को हिंदू मुसलमान के सोच के द्वारा आंतरिक गृह युद्ध में बदल दिया जाएगा और देश के ही लोगों को आपस में लड़ा दिया जाएगा । देश की समस्याएं जैसे बेरोजगारी चरम पर है, गरीबी चरम पर है, कृषि और व्यवसाय भी खत्म होते जा रहे हैं ।महिलाओं की स्थिति आज यह है कि सत्ताधारी पार्टी के नेता ही महिलाओं के साथ बलात्कार करते हैं और उनकी सरकार उनको बचाने का कार्य करती है ।उनके लिए रेड कारपेट बिछा कर बलात्कारियों को महिमा मंडल किया जा रहा है स्वागत सम्मान किया जा रहा है और अपनी पार्टी में भी शामिल किया जा रहा है।

अतः इन सभी कार्यों से समझ में नहीं आता कि देश आखिर चला कौन रहा है क्योंकि कोई भी इनके पास नीति नहीं निर्माण नहीं सिर्फ अडानी अंबानी के लिए देश के प्राकृतिक संसाधन देने के लिए सरकार काम कर रही है क्योंकि उन्होंने सरकार को चुनाव जीतने में फंडिंग की और सरकार अब उनकी चौकीदारी कर रही है और उनके लिए पूरी तरह से हाथ जोड़कर मदद कर रही है ।

हम सभी देश के 140 करोड़ से अधिक लोग क्या ऐसे ही अपना जीवन यापन बस कमाने और खर्च करने में खत्म कर रहे हैं बिना किसी भविष्य के विजन के।

सरकार है कि बाजार से एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से असीमित कर्ज लेती जा रही है और अपने इवेंट मैनेजमेंट को भरपूर आलीशान तरीके से चल रही है और अपने उद्योगपतियों के लिए निरंतर कार्य कर रही है एवं देश की सभी संस्थाओं को उनको सौंप दिया गया है यहां तक कि परमाणु ऊर्जा जैसे संवेदनशील क्षेत्र को भी उनको दे दिया गया है ।

आखिर कब हमारे प्रधानमंत्री जी अपनी चुप्पी तोड़ेंगे और चीन को लाल-लाल आंखें और अमेरिका को करारा जवाब देंगे क्योंकि वह तो इसराइल मॉडल को स्वीकार करते हैं तो नेतन्याहू की तरह ही आखिर कब वह देश के लोगों के लिए कार्य करेंगे और अमेरिका की तरह हु अमेरिका फर्स्ट नीति को भारत की जनता के सामने रखेंगे और चीन की तरह मजबूत अर्थव्यवस्था बनने का वादा करेंगे या फिर देश को पर्ची वाले बाबाओं के भरोसे देश को छोड़ देंगे जो कि आम जनता को सिर्फ जाति के आधार पर हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए काम करेंगे।

आखिर कब चुप्पी टुटेगी और भारत सो कॉल्ड विश्वगरु की जगह है वास्तविक विश्व गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होगा ?

(स्मिता जैन स्वतंत्र लेखक है और यह उनके निजी विचार हैं)

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