शरद पवार की PM मोदी से मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने?

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार इन दिनों काफी सुर्खियों में है। दरअसल हाल के दिनों में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की शरद पवार की कई बार मुलाकात हो चुकी है।

इसके बाद राजनीतिक सरगर्मी एकाएक बढ़ गई थी और कहा जा रहा था कि शरद पवार आने वाले वक्त में राष्ट्रपति चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं।

अब शरद पवार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर एक बार फिर हवा दे दी है। इस मुलाकात को लेकर कहा जा रहा है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दों को लेकर हुई है।

हालांकि इस बैठक में क्या बात हुई इसको लेकर अभी कोई ठोस जानकारी नहीं है लेकिन शिवसेना से जुड़े सूत्र ने इस पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि आने वाले वक्त में शरद पवार राष्ट्रपति के लिए ताल ठोंक सकते हैं।

यानी कहने का साफ मतलब है कि राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश कर सकते हैं। हालांकि अगर शरद पवार राष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश करते है तो महाराष्ट्र की राजनीति में उसका असर देखने को मिल सकता है। कहने का मतलब है कि शरद पवार महाराष्ट्र में अपनी ताकत खो देंगे।

उधर एनसीपी नेता और महाराष्ट्र में मंत्री नवाब मलिक इसपर सफाई दी है और कहा है कि  एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को पीएम मोदी से मिले हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ मुलाकात के दौरान लिखित रूप में कहा गया कि बैंक नियामक अधिनियम में किए गए परिवर्तन और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को अधिक अधिकार देने से सहकारी बैंक की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।

फोटोः ANI

उधर पीएम मोदी से उनकी मुलाकात के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि दोनों की मुलाकात से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई और कोई बड़ा उलटफेर भी हो सकता है।

हालांकि यह केवल अटकल लगायी जा रही है। शिवसेना के सूत्रों की माने तो फिलहाल सरकार को कोई खतरा नहीं है और महाविकास अगाड़ी सरकार में सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है।

बता दें कि महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार को करीब दो साल हो चुके हैं। महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव 2019 में बीजेपी ने 104, शिवसेना ने 56, एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 43 सीटें जीती थी।

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