जल है तो कल है पर जल है………. कहां ?


स्मिता जैन रेवा
आज संपूर्ण विश्व में विश्व जल दिवस मनाया जा रहा है लेकिन जल है कहां?
सबसे बड़ी बात जल जो हमारी सारी गंदगी को साफ करता है। आज वही सबसे ज्यादा प्रदूषित हो गया है और हम सभी इस प्रदूषित जल का ही इस्तेमाल अपने खाना बनाने , नहाने धोने,खेती-किसानी और भी कई अन्य आवश्यक कार्यों मे कर रहे हैं।
माना कि आजकल ज्यादातर लोग मिनरल वाटर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन वह मिनरल वाटर क्या हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है?
ज्यादातर रिसर्च में पाया जाता है कि वह हमारे शरीर को आंतरिक रूप से कमजोर कर रहा है और कैल्शियम, सोडियम और मेगनीशियम जैसे तत्वों की कमी होती जा रही है और बीमारियां हो रही है।
साथ ही निशुल्क मिलने वाले पानी को हमें रूपयों में खरीदना पड़ रहा है और अपनी सीमित आमदनी से खर्च करना पड़ता है जिससे कंपनियां अरबों खरबों रुपए कमा रहे हैं एवं प्राकृतिक जल पर उनका एकाधिकार होता जा रहा है। जिससे आम जनता को प्राकृतिक रूप से उपलब्ध पानी मिलना दुष्कर होता जा रहा है।
दिन प्रतिदिन वह पीने लायक पानी के लिए तरस रहा है या गन्दा पानी पीकर बीमार हो रहे हैं और मर रहे हैं।
सरकारी तंत्र और अधिकारियों ने तो जैसे इस सम्बन्ध में चुप्पी साध ली है और कुछ नहीं करने की क़सम खा ली है।या फिर उनको इसमें आमदनी दिखाई देती है। चाहे वह आरो प्लांट हो या मिनरल वाटर की देशी विदेशी कंपनियां हर कहीं उसे अकूत व्यापार और आमदनी दिखाई दे रहा है और दौलत लूटने की हौड लगी हुई है उसे देश की आम जनता से कोई मतलब नहीं रह गया है।
आज प्राकृतिक रूप से शुद्ध जल पाना एक बहुत ही बड़ी समस्या बन गई है।
गांवों में भी भी फ़सल उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अनेक प्रकार के हानिकारक रसायनों और कीटनाशक का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसके कारण अंडर ग्राउंड पानी भी प्रदूषित हो रहा है और कई गंभीर बीमारियां हो रही है।
आज आवश्यकता पानी के साथ ही शुद्ध जल बचाने की जिम्मेदारी हम सभी पर है। क्योंकि उपभोक्ता वाद के युग में वस्तुओं का उपयोग हम सभी करते हैं तो प्रदूषण भी हम सभी फ़ैला रहे हैं।
रूफ वाटर हार्वेस्टिंग एक अच्छा विकल्प है एवं हम सभी को पानी की बरबादी को भी रोकने का प्रयास करना चाहिए एवं लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करना चाहिए।
हमें मिनरल वाटर संस्कृति की जगह जल, जंगल, जमीन संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए ताकि वर्तमान और भविष्य सुरक्षित रह सके।
क्योंकि जल है तो कल के साथ आज भी है नहीं तो जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।



