जुबिली न्यूज डेस्क
असम के कोकराझार जिले में बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह हिंसा एक व्यक्ति की मौत के बाद भड़की, जिसके बाद इलाके में आगजनी, तोड़फोड़ और तनाव का माहौल बन गया। उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और घरों में तोड़फोड़ की।

स्थिति को काबू में करने के लिए जिला प्रशासन ने सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है, जबकि मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
दंगे के आरोप में 19 गिरफ्तार, NH-27 घंटों जाम
पुलिस के मुताबिक, हिंसा और दंगा फैलाने के आरोप में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों समुदायों के लोगों ने करिगांव पुलिस चौकी पर अलग-अलग हमले किए, पुलिस और CRPF जवानों पर पत्थर फेंके, टायर जलाए और नेशनल हाईवे-27 को कई घंटों तक जाम रखा।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
हिंसा की शुरुआत तब हुई जब आदिवासी समुदाय के एक समूह ने गौरी नगर–मशिंग रोड पर करिगांव इलाके में एक कार को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार चालक ने कथित तौर पर दो आदिवासी लोगों को टक्कर मार दी, जिससे गाड़ी सड़क से फिसल गई।
कार में सवार बोडो समुदाय के लोग—
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सिखना ज्वालाओ बिस्मित उर्फ राजा
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प्रभात ब्रह्मा
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जुबीराज ब्रह्मा
औडांग इलाके में साइट इंस्पेक्शन के बाद लौट रहे थे। गुस्साए लोगों ने तीनों को कार से बाहर निकालकर पीटना शुरू कर दिया।
स्थानीय कॉन्ट्रैक्टर की मौत, कई घायल
इस हिंसा में स्थानीय कॉन्ट्रैक्टर मोरंडा बसुमतारी के दामाद राजा की मौत हो गई। वहीं प्रभात ब्रह्मा और जुबीराज ब्रह्मा के अलावा आदिवासी समुदाय के सुनील मुर्मू और महेश मुर्मू घायल हो गए।
सभी घायलों का इलाज कोकराझार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक प्रभात ब्रह्मा की हालत गंभीर बनी हुई है।
हिंसा फैलते ही सैकड़ों लोग उतरे सड़कों पर
जैसे ही घटना की खबर फैली, दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग भड़क गए। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए हाईवे जाम कर दिया। हालात को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
इंटरनेट सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद
अफवाहों और भड़काऊ संदेशों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड कर दी हैं। इसके साथ ही सभाओं, रैलियों, धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी और धारदार हथियार रखने पर भी रोक लगा दी गई है।
CM हिमंत बिस्वा सरमा की शांति की अपील
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, जो इस समय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के लिए दावोस में हैं, ने बयान जारी कर कहा कि वे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा,“शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना को बुलाया गया है और CRPF की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को एहतियातन तैनात किया गया है। कोकराझार और चिरांग में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।”मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों और सिविल सोसाइटी से सहयोग की अपील की है।
प्रशासन का दावा—हालात काबू में
कोकराझार के SSP अक्षत गर्ग ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में सेना और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है। IGP (लॉ एंड ऑर्डर) अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि RAF और CRPF की अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी गई हैं।
डिप्टी कमिश्नर एवं जिला मजिस्ट्रेट पंकज चक्रवर्ती ने धारा 144 लागू करते हुए लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। पुलिस का दावा है कि फिलहाल करिगांव इलाके में हालात नियंत्रण में हैं।
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