Video : एक कान से सुनाई नहीं पड़ता है लेकिन डेब्यू मैच में छा गया

जुबिली स्पेशल डेस्क

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट ब्रिस्बेन में शुरू हो गया है। हालांकि भारतीय टीम के एक नहीं कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं।

इस मुकबाले मेंअश्विन की जगह ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर को पहली बार टेस्ट क्रिकेट में मौका दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया में उनको नेट बॉलर के तौर पर रखा गया था लेकिन आर अश्विन के चोटिल होने के बाद उनको टीम में शामिल कर लिया गया।

इसके साथ ही वॉशिंगटन सुंदर भारत के 301वें टेस्ट खिलाड़ी के तौर पर डेब्यू किया है। वॉशिंगटन सुंदर के बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा कि वो एक सान से सुन पाते हैं।

बताया जाता है कि चार साल आयु में पता चला कि उनको केवल एक कान से सुनाई पड़ता है। इतना ही नहीं कई डॉक्टरों से दिखाया गया लेकिन पता चला कि ये रोग असाध्य है।

हालांकि सुंदर को इस वजह से मुश्किलों का काफी सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज उन्हें भारत के लिए टेस्ट खेलने का मौका मिल गया है।

सुंदर ने 2016 में तमिलनाडु टीम में जगह बनाई थी। इस दौरान एक बातचीत में बताया था कि मुझे मालूम है कि फील्डिंग के दौरान साथी खिलाडिय़ों को कॉर्डिनेट करने में दिक्कत होती है, पर उन्होंने कभी इसके चलते मुझसे शिकायत नहीं की वे मेरी कमजोरी को लेकर कभी कुछ नहीं कहते।

सुंदर पार्थिव पटेल के बाद सबसे कम उम्र में टीम इंडिया की ओर से वनडे में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने थे। सुंदर ने 18 साल 69 दिन में वन डे क्रिकेट में डेब्यू किया था।

सुंदर के नाम में वॉशिंगटन जुड़ा है। दरअसल सुदंर के पिता अपने अपने गॉडफादर पीडी वॉशिंगटन के नाम पर अपने बेटे का नाम रखा था।

सुंदर का जन्म 5 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 5 मिनट पर हुआ था। इस वजह से उनकी जर्सी का नम्बर 55 रहता है। वॉशिंगटन की अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शुरुआत शानदार रही।

सुंदर ने पहले तीन ओवर मेडन डाले। इसके बाद उन्होंने खतरनाक लग रहे है ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन की राह दिखा डाली।

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