पत्रकार हत्या मामलें में तीन गिरफ्तार, प्रभारी निरीक्षक सस्पेंड

जुबिली न्यूज़ डेस्क

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में देर रात एक निजी चैनल के पत्रकार की हत्या कर दी गई। हत्या उस स्थान पर की गई जहां से फेफना थाना मात्र 500 मीटर दूर था। थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर कुछ बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया।इस बीच पत्रकार ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की लेकिन बदमाशों ने उसे दौड़कर गोली मार दी। पत्रकार की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी पाकर मौके पर तुरंत एसपी देवेन्द्र नाथ, एएसपी संजय कुमार, सीओ आदि के साथ भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि कई अन्य की तालाश कर रही है।

इस मामलें में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतक पत्रकार के        परिजनों को 10 लाख रूपये मुआवजा देने की बात भी कही है।

परिजनों का कहना है कि पुरानी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया हैं। इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। घटना के बाद बलिया पुलिस ने फेफना के प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

आजमगढ़ के डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि इस घटना के बाद मौके पर से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य की तलाश चल रही है। उन्होंने बताया कि मृतक एक पत्रकार था लेकिन इस घटना में पत्रकारिता से संबंधित कोई भी बात सामने नहीं आ रही है। दो पक्षों के बीच जमीन विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया।

इस घटना के पीछे की वजह पिछले साल 26 दिसंबर को दोनों पक्षों में हुई मारपीट बताई जा रही है।  इस मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। रतन सिंह पर दर्ज मुकदमा गलत पाया गया था। इसी में 5 अभियुक्तों पर रतन सिंह की हत्या का आरोप है। प्रभावी कार्यवाही न करने पर प्रभारी निरीक्षक फेफना को निलंबित कर दिया गया है।

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बता दें कि रतन सिंह सोमवार को जिला मुख्यालय बलिया में रहने के बाद शाम को अपने गांव चले गए। शाम को गांव में ही किसी के यहां बैठने के बाद पैदल ही वापस घर जा रहे थे। तभी कुछ लोगों ने उनपर फायर कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार जान बचाने के लिए रतन ग्राम प्रधान में घर में घुस गए लेकिन हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और एक-एक कर गोलियां बरसा दी। इससे रतन की मौके पर ही मौत हो गई।

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