जुबिली स्पेशल डेस्क
यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के बीच अहम मुलाकात होने वाली है।
अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि यह टैंकर कैरिबियन सागर में रोका गया। यह अमेरिका द्वारा जब्त किया गया छठा जहाज है, जो वेनेजुएला से आ या जा रहा था।
अमेरिकी सेना के सदर्न कमांड ने इस ऑपरेशन की पुष्टि की है। कमांड के मुताबिक, तड़के किए गए इस अभियान में मोटर टैंकर ‘वेरोनिका’ को बिना किसी हिंसा या टकराव के रोक लिया गया। अमेरिका का कहना है कि यह जहाज कैरिबियन क्षेत्र में प्रतिबंधित जहाजों पर लागू आदेशों का उल्लंघन कर रहा था।
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की सख्ती
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि अब वेनेजुएला से वही तेल बाहर जा सकेगा, जो पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और अमेरिकी नियमों के तहत भेजा जाएगा।
यह कदम ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के प्रभाव को खत्म करना है।
अमेरिका का दावा है कि जिन जहाजों को अब तक पकड़ा गया है, वे या तो सीधे अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में थे या फिर तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा थे।
शैडो फ्लीट उन जहाजों को कहा जाता है, जो अपने असली स्रोत छिपाकर ईरान, रूस या वेनेजुएला जैसे प्रतिबंधित देशों से तेल की ढुलाई करते हैं।
ट्रंप पहले ही यह कह चुके हैं कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर लंबे समय तक नियंत्रण चाहता है। उनका तर्क है कि इससे वेनेजुएला की बदहाली का शिकार हो चुकी तेल इंडस्ट्री को दोबारा खड़ा किया जा सकेगा।
रूसी टैंकर की जब्ती से भी बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते अमेरिका ने एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को भी जब्त किया था। उस जहाज का करीब दो हफ्तों तक अटलांटिक महासागर में पीछा किया गया था और उस पर एक रूसी पनडुब्बी नजर बनाए हुए थी। इस घटना के बाद रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की तीखी आलोचना की थी।
आज ट्रंप-मचाडो की अहम मुलाकात
तेल टैंकर की यह नई जब्ती ट्रंप और मारिया कोरिना मचाडो की गुरुवार रात होने वाली बैठक से ठीक पहले हुई है। दोनों भारतीय समयानुसार रात करीब 11 बजे व्हाइट हाउस में आमने-सामने मिलेंगे। मादुरो के सत्ता से हटने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली सीधी मुलाकात होगी।
डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले मचाडो को ‘आजादी की लड़ाकू’ बता चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि वे उन्हें वेनेजुएला की अगली राष्ट्रपति बनाने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि उनके मुताबिक मचाडो के पास देश के भीतर पर्याप्त राजनीतिक समर्थन नहीं है।
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