चीन की ओर मुड़े टैंकर पर हंगामा, भारत सरकार ने बताया पूरा सच

India सरकार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान से कच्चा तेल लेकर भारत आने वाला टैंकर पेमेंट से जुड़ी दिक्कतों के कारण चीन की ओर मुड़ गया।
Ministry of Petroleum and Natural Gas ने साफ कहा है कि भारत को कच्चे तेल के आयात में किसी तरह की भुगतान संबंधी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है।
टैंकर का रूट बदलना सामान्य प्रक्रिया
मंत्रालय के मुताबिक, तेल कारोबार में जहाजों का रास्ता बदलना असामान्य नहीं है।
- बिल ऑफ लैंडिंग में कई संभावित पोर्ट दर्ज होते हैं
- कारोबारी जरूरतों के हिसाब से जहाज गंतव्य बदल सकते हैं
इसलिए किसी जहाज के रूट बदलने को पेमेंट संकट से जोड़ना गलत है।
‘पेमेंट संकट’ वाली खबरें भ्रामक
सरकार ने कहा कि मिडिल ईस्ट में सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी जरूरत का कच्चा तेल सुनिश्चित कर लिया है।
- भारत 40 से ज्यादा देशों से तेल आयात करता है
- कंपनियों को अलग-अलग स्रोतों से खरीद की पूरी छूट है
- आने वाले महीनों के लिए सप्लाई सुरक्षित है
LPG सप्लाई पर भी दिया अपडेट
सरकार ने एलपीजी को लेकर फैली अफवाहों को भी खारिज किया।
- ‘सी बर्ड’ जहाज 44,000 मीट्रिक टन ईरानी गैस लेकर Mangaluru पहुंच चुका है
- फिलहाल अनलोडिंग जारी है
क्या था पूरा मामला?
शिप ट्रैकिंग कंपनी Kpler ने दावा किया था कि ‘पिंग शुन’ नाम का टैंकर Vadinar की बजाय Dongying की ओर बढ़ रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि गंतव्य बदलने की वजह पेमेंट शर्तें हो सकती हैं, लेकिन सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
निष्कर्ष
सरकार के मुताबिक भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है और तेल आयात को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है। टैंकर के रूट में बदलाव को सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया बताया गया है, न कि किसी वित्तीय समस्या का संकेत।



