UP Politics: आर्म्स लाइसेंस जांच पर सियासी घमासान, अखिलेश यादव का बीजेपी पर तंज

उत्तर प्रदेश में बाहुबली और आपराधिक छवि वाले लोगों के आर्म्स लाइसेंस की जांच को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के आदेश के बाद अब सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
“अदृश्य हथियार” वाले बयान से राजनीतिक बहस
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि असली हथियारों के लाइसेंस तो बनते हैं, लेकिन कुछ “अदृश्य हथियार” भी हैं जो समाज में नफरत और विभाजन फैलाते हैं। उन्होंने संकेतात्मक भाषा में आरोप लगाया कि ऐसे “गुप्त हथियार” समाज और आपसी सौहार्द पर असर डालते हैं।
बीजेपी पर गंभीर आरोप और तंज
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में अवैध निर्माण, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों की वैधता की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि निर्माण कार्यों, आयोजनों और आपदा राहत के नाम पर इकट्ठा किए गए फंड का ऑडिट किया जाना चाहिए।
संपत्तियों और फंडिंग पर सवाल
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि जनता यह भी जानना चाहती है कि कई निर्माण और संपत्तियों की वैधता क्या है और वे बेनामी तो नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों के खर्च और विदेश यात्राओं की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठते हैं।
सामाजिक सौहार्द पर बयान
अखिलेश यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि कुछ तत्व सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इसे एक “सिंडिकेट” के रूप में काम करने वाला नेटवर्क बताया।
पृष्ठभूमि: हाई कोर्ट का सख्त रुख
यह पूरा विवाद उस समय तेज हुआ जब हाई कोर्ट ने राज्य के सभी जिलों से हथियार लाइसेंसधारकों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। अदालत ने यह भी चिंता जताई कि कई प्रभावशाली और आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों के पास लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं।



