लंबे समय से सस्‍पेंड चल रहे UP के IAS अफसर अभिषे‍क सिंह ने दिया इस्तीफा

जुबिली न्यूज डेस्क 

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के चर्चित आईएएस अफसर अभिषेक सिंह ने नौकरी से इस्‍तीफा दे दिया है। अभिषेक सिंह इस साल फरवरी से ही सस्‍पेंड चल रहे थे। उन्‍होंने इस्‍तीफा क्‍यों दिया, इसका स्‍पष्‍ट कारण तो सामने नहीं आया है पर माना जा रहा है कि फिल्‍मों में काम करने के शौक के चलते उन्‍होंने यह कदम उठाया है। अभिषेक सिंह वेबसीरीज ‘दिल्‍ली क्राइम’ समेत कुछ फिल्‍मों में काम कर चुके हैं।

बता दे कि 2011 बैच के अफसर अभिषेक सिंह बगैर छुट्टी लंबे समय से ड्यूटी से गायब चल रहे थे। इसके बाद यूपी सरकार ने उन्‍हें सस्‍पेंड कर दिया था।अभिषेक सिंह को वर्ष 2015 में तीन साल के लिए दिल्‍ली में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था। 2018 में यह अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दी गई, लेकिन उस दौरान वे मेडिकल लीव पर चले गए। इसके बाद दिल्‍ली सरकार ने अभिषेक को वापस उनके मूल कैडर यूपी भेज दिया। लंबे समय तक उन्‍होंने यूपी में नौकरी जॉइन नहीं किया। नियुक्ति विभाग को उन्‍होंने कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया। बाद में 30 जून, 2022 को उन्‍होंने जॉइन किया।

गुजरात में प्रेक्षक ड्यूटी से हटाए गए

2022 में अभिषेक सिंह को गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से प्रेक्षक बनाया गया। उन्‍होंने प्रेक्षक ड्यूटी का कार्यभार ग्रहण किया। इसी दौरान सरकारी कार के आगे फोटो खिंचवाकर इसे सोशल मीडिया पर डालने की वजह से वे चर्चा में आ गए। चुनाव आयोग ने इसे अनुशासनहीनता माना और उन्‍हें 18 नवंबर 2022 को प्रेक्षक ड्यूटी से हटा दिया। गुजरात से लौटने के बाद अभिषेक सिंह ने यूपी में फिर अपनी ड्यूटी जॉइन की। इसलिए यूपी सरकार ने उन्‍हें सस्‍पेंड कर दिया था।

ये भी पढ़ें-सिक्किम में बादल फटने के बाद आई बाढ़, 23 सैनिक लापता

राजनीति के मैदान में उतरने की चर्चा

चर्चा यह भी चल रही है कि नौकरी से इस्‍तीफा देने के बाद अभिषेक सिंह राजनीति के मैदान में उतर सकते हैं। कुछ दिनों पहले उन्‍होंने जौनपुर में भव्‍य गणेशोत्‍सव का आयोजन करवाया था। इसमें मुंबई से आए कुछ कलाकार भी शामिल हुए थे।  बनाया गया।

बांदा की डीएम हैं पत्‍नी दुर्गा शक्ति नागपाल

अभिषेक सिंह की पत्‍नी दुर्गा शक्ति नागपाल भी बेहद चर्चित आईएएस अफसर हैं। फिलहाल वह बांदा में जिलाधिकारी हैं। दुर्गा नागपाल ने 2008 में सिविल सेवा परीक्षा निकाली थी। उनका चयन भारतीय राजस्‍व सेवा के लिए हुआ था। इसके बाद वह दोबारा सिविल सेवा परीक्षा में बैठीं और 20वीं रैंक हासिल की।

Related Articles

Back to top button