उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म 7 के जरिए जगह-जगह वोट कटवाने की कोशिश की जा रही है, ताकि विपक्ष को नुकसान पहुंचाया जा सके।

सकलडीहा और बाबागंज का मामला
अखिलेश यादव ने बताया कि सकलडीहा विधानसभा में फॉर्म 7 के 16 आवेदन जमा किए गए, जबकि बाबागंज विधानसभा के बूथ नंबर 365 पर फर्जी हस्ताक्षर कर लगभग 100 वोट कटवाए गए। उनके अनुसार, सपा के एक विधायक का भी वोट कटवा दिया गया है।
बीजेपी की सीक्रेट रणनीति का आरोप
सपा प्रमुख का दावा है कि बीजेपी की एक गुप्त बैठक में हर विधानसभा में वोट कटवाने का फैसला किया गया था। उन्होंने कन्नौज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के नेताओं ने भी इस रणनीति को मान्यता दी। अखिलेश ने इसे “जानबूझकर वोट हटाने का खेल” करार दिया।
नेताओं और परिवारों के नाम हटाए जाने का आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि औरैया नगर अध्यक्ष और बलिया के सपा विधायक की पत्नी का नाम मतदाता सूची से हटाया गया। उनका कहना है कि यह सब विपक्ष को उलझाने की रणनीति है।
अयोध्या में फॉर्म 7 के आंकड़े
अयोध्या के एक बूथ पर 181 नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 76% पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के लोगों को मिले। वहीं 46% नोटिस यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों को जारी किए गए। अखिलेश ने दावा किया कि सपा ने 47 फॉर्म 7 भरे, जबकि बीजेपी ने लगभग 1,000 आवेदन दिए और एक लाख से अधिक फॉर्म “अज्ञात लोगों” द्वारा भरे गए।
बीजेपी हार के डर से कर रही वोट कटवाने का खेल
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी चुनाव जीत नहीं रही है, इसलिए वोट कटवाने के जरिए विपक्ष को फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा और कहा कि जमीनी हकीकत कुछ और है।
इटावा में मारपीट का आरोप
सपा समर्थक प्रधान के साथ इटावा में मारपीट की घटनाओं का भी आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि वोटर अपना नाम बचाने की कोशिश करता है, तो उसके साथ दबाव और हिंसा होती है।
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