पाकिस्तान पर अमेरिका का बड़ा आरोप: खुफिया चीफ तुलसी गबार्ड ने बताया ‘परमाणु खतरा’, चीन-रूस-ईरान भी लिस्ट में

वॉशिंगटन: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की प्रमुख तुलसी गबार्ड के ताज़ा बयान ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। बुधवार को ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए उभरते बड़े परमाणु खतरों में शामिल बताया, जिससे वॉशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हलचल मच गई है।
‘सहयोगी’ से ‘खतरे’ तक बदली छवि
गबार्ड के मुताबिक, अब व्हाइट हाउस की नजरों में पाकिस्तान की छवि बदल रही है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अमेरिका इसे अब केवल सहयोगी देश नहीं, बल्कि संभावित जोखिम के रूप में देख रहा है।
इन देशों का भी लिया नाम
ब्रीफिंग में चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया का भी जिक्र किया गया। गबार्ड ने कहा कि ये देश तेजी से ऐसे उन्नत मिसाइल सिस्टम विकसित कर रहे हैं, जो पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम हैं और अमेरिका तक पहुंच सकते हैं।
नए ‘गठजोड़’ पर भी चिंता
उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तर कोरिया, रूस और चीन के बीच बढ़ती साझेदारी वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। यह संभावित गठजोड़ अंतरराष्ट्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दावा
गबार्ड ने जून 2025 में अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को उस समय भारी नुकसान पहुंचाया गया था। उनके अनुसार, तब से अब तक ईरान ने अपनी परमाणु क्षमता को दोबारा खड़ा करने की कोई बड़ी कोशिश नहीं की है।
खतरा अभी टला नहीं
हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। गबार्ड के मुताबिक, ईरान धीरे-धीरे अपनी सैन्य ताकत फिर से बढ़ाने की कोशिश कर सकता है और मिडिल ईस्ट में अमेरिका व उसके सहयोगियों को निशाना बना सकता है।



