जुबिली स्पेशल डेस्क
वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर क्यूबा ने जल्द अमेरिका के साथ समझौता नहीं किया, तो उसे तेल और आर्थिक मदद की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “अब क्यूबा को न तो एक बूंद तेल मिलेगा और न ही एक डॉलर। बहुत देर होने से पहले उसे समझौता कर लेना चाहिए।” उन्होंने दावा किया कि क्यूबा वर्षों से वेनेजुएला से मिलने वाले तेल और पैसों पर निर्भर रहा है।
यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की थी। इसी बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें कहा गया था कि मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बनेंगे। इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने लिखा, “यह मुझे अच्छा लगता है।”
हालांकि ट्रंप प्रशासन की ओर से मार्को रुबियो को लेकर किसी आधिकारिक नीति या योजना की पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ट्रंप की आक्रामक और बढ़ा-चढ़ाकर की गई बयानबाज़ी का हिस्सा हो सकता है।

अमेरिका की कार्रवाई का विरोध
अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में की गई कार्रवाई के खिलाफ क्यूबा में विरोध तेज हो गया है। शनिवार को राजधानी हवाना में अमेरिकी दूतावास के बाहर आयोजित प्रदर्शन में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला।
डियाज-कैनेल ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति को हिरासत में लिया, जो “स्टेट टेररिज्म” की श्रेणी में आता है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा कि अमेरिका ने एक ऐसे शांत देश पर हमला किया है, जिससे उसे कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं था।
क्यूबा-वेनेजुएला का कनेक्शन
क्यूबा की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा व्यवस्था का बड़ा हिस्सा वेनेजुएला पर निर्भर है। फिलहाल क्यूबा अपनी कुल तेल जरूरत का करीब 30 प्रतिशत वेनेजुएला से आयात करता है। इसके बदले क्यूबा हजारों डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ वेनेजुएला में तैनात करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति रुकती है, तो क्यूबा में बिजली संकट और गहरा सकता है, क्योंकि देश की ऊर्जा प्रणाली पहले से ही दबाव में है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में क्यूबा के एजेंट भी तैनात थे। अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान 32 क्यूबाई सैनिकों के मारे जाने की भी खबर सामने आई है।
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि क्यूबा की सरकार गंभीर संकट में है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि क्यूबा अपने आप ही गिर जाएगा और अमेरिका को उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
