Thursday - 8 January 2026 - 1:51 PM

ट्रंप के निशाने पर भारत और चीन, 500% तक टैरिफ की तैयारी

जुबिली न्यूज डेस्क 

वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर भारत, चीन और ब्राजील जैसे बड़े देश आ गए हैं। ट्रंप प्रशासन रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक भारी-भरकम टैरिफ लगाने की तैयारी में है। इसके लिए अमेरिका ने ‘Sanctioning Russia Act of 2025’ नाम के एक नए और सख्त बिल को मंजूरी दी है।इस बिल को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है।

क्या है ‘Sanctioning Russia Act of 2025’?

इस बिल के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार मिल जाएगा कि वे उन देशों के खिलाफ कड़ी आर्थिक कार्रवाई कर सकें, जो रूस से सस्ता तेल और यूरेनियम खरीदकर यूक्रेन युद्ध में उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं।

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा—“यह बिल हमें भारत, चीन और ब्राजील जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर जबरदस्त दबाव बनाने का मौका देगा। रूस से तेल खरीदने वाले देश अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन में युद्ध जारी रखने में पुतिन की मदद कर रहे हैं।”

ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का हिस्सा

बुधवार, 7 जनवरी 2026 को इस बिल का ऐलान किया गया। इसे ट्रंप प्रशासन की ‘America First’ ट्रेड पॉलिसी और यूक्रेन में युद्धविराम लागू कराने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

सीनेटर ग्राहम ने ट्रंप के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कहा कि—“यूक्रेन समझौते के लिए तैयार है, लेकिन पुतिन बेगुनाहों को मारने पर आमादा है। अब रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने का समय आ गया है।”

भारत पर 500% टैरिफ का क्या मतलब?

फिलहाल भारत पर अमेरिका का लगभग 50% टैरिफ लागू है। अगर ट्रंप प्रशासन इसे 500% तक बढ़ाता है, तो यह भारत समेत कई देशों के लिए आर्थिक तबाही जैसा होगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम लगभग ट्रेड बैन के बराबर माना जाएगा, जिससे—

  • निर्यात

  • विदेशी निवेश

  • मुद्रा स्थिरता
    पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ट्रंप के फरमान पर भारत का कड़ा रुख

भारत ने अमेरिका के इस दबाव को अनुचित और गैर-वाजिब बताया है। भारत का कहना है कि उसके लिए 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार—

  • भारत पहले ही रूस से तेल की खरीद घटा चुका है

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज और सरकारी रिफाइनरियों ने

    • रोसनेफ्ट

    • लुकोइल
      से तेल आयात कम किया है

अमेरिका से तेल खरीद बढ़ा रहा भारत

2025 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने—

  • अमेरिका से क्रूड ऑयल की खरीद लगभग 11% तक बढ़ा दी है

  • इससे साफ है कि भारत ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में पहले से काम कर रहा है

इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन का यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों में नई ट्रेड जंग को जन्म दे सकता है।

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वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह बिल पूरी तरह लागू हुआ, तो—

  • वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल

  • ऊर्जा कीमतों में उछाल

  • अमेरिका बनाम उभरती अर्थव्यवस्थाओं की नई ट्रेड वॉर
    देखने को मिल सकती है।

‘Sanctioning Russia Act of 2025’ के जरिए डोनाल्ड ट्रंप रूस को घेरने के साथ-साथ भारत, चीन और ब्राजील जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। अब देखना होगा कि भारत इस अमेरिकी दबाव का कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर कैसे जवाब देता है।

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