जुबिली न्यूज डेस्क
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वेनेजुएला को लेकर अपने बदले हुए रुख का खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला ने उदाहरण के तौर पर अपनी जेलें अमेरिका के लिए खोल दी थीं, और यही वजह थी कि वह पहले वेनेजुएला के खिलाफ काफी सख्त थे।

हालांकि अब ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला की सरकार अमेरिका के साथ “बेहद अच्छे तरीके से” काम कर रही है, जिसके चलते उनका नजरिया बदल गया है।
तेल कंपनियों के बड़े निवेश का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच संयुक्त काम के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियां वहां बड़े पैमाने पर निवेश की तैयारी कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वेनेजुएला के पास सऊदी अरब से भी अधिक तेल भंडार हैं, जो उसे वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बेहद अहम देश बनाता है।
मारिया कोरोना माचाडो को लेकर ट्रंप का बयान
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरोना माचाडो हाल ही में चर्चा में रहीं, जब उन्होंने वेनेजुएला की आज़ादी के समर्थन के लिए अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देने की बात कही।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने माचाडो की तारीफ की और कहा कि वह “बहुत ही अच्छी महिला” हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह चाहते हैं कि माचाडो को वेनेजुएला से जुड़े मामलों में शामिल किया जाए।
ट्रंप ने कहा,“मारिया कोरोना माचाडो ने कुछ दिन पहले एक बहुत ही शानदार काम किया। शायद हम उन्हें इसमें शामिल कर सकते हैं। मैं यह करना चाहूंगा।”
नोबेल फाउंडेशन का स्पष्ट रुख
माचाडो की इस पेशकश के बाद नोबेल फाउंडेशन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नोबेल पुरस्कार को न तो किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकता है और न ही साझा किया जा सकता है।
नोबेल संस्थान ने यह भी दोहराया कि एक बार घोषित होने के बाद कोई भी लॉरेएट (पुरस्कार विजेता) अपना पुरस्कार ट्रांसफर नहीं कर सकता।
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क्यों अहम है ट्रंप का यह बयान?
डोनाल्ड ट्रंप का वेनेजुएला को लेकर बदला हुआ रुख अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में संभावित बदलाव का संकेत माना जा रहा है। खास तौर पर तेल निवेश और विपक्षी नेताओं को लेकर दिए गए बयानों से आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में नई दिशा देखने को मिल सकती है।
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