पश्चिम बंगाल नगर निगम चुनाव में टीएमसी को मिली भारी सफलता

जुबिली न्यूज डेस्क

पश्चिम बंगाल में चार नगर निगमों के चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी को भारी सफलता मिली है।

प्रत्याशियों की सूची पर विवाद और एक व्यक्ति-एक पद के मुद्दे पर टीएमसी में उभरे मतभेदों के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने चार नगर निगमों–विधान नगर, चंदननगर, आसनसोल और सिलीगुड़ी–के चुनावों में भारी जीत हासिल की है।

इन चारों निगमों के लिए 12 फरवरी को मतदान हुआ था और सोमवार को वोटों की गिनती की गई। इस चुनाव में विपक्ष का सूपड़ा लगभग साफ हो गया है, खासकर सिलीगुड़ी नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस की जीत इसलिए अहम है कि पार्टी ने पहली बार उस पर जीत हासिल की है।

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बंगाल में टीएमसी की लहर के बावजूद अब तक वहां वाममोर्चा का ही कब्जा रहा था। सिलीगुड़ी में पूर्व मंत्री और मेयर रहे सीपीएम नेता अशोक भट्टाचार्य भी चुनाव हार गए हैं।

नतीजों के ऐलान के बीच ही सिलीगुड़ी पहुंची मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने नगर निगम चुनाव में टीएमसी उम्मीदवारों के लिए मतदान करने पर आसनसोल, बिधाननगर, सिलीगुड़ी और चंदन नगर के लोगों को बधाई दी।

ममता बनर्जी ने कहा, “हमें और विनम्र रहना होगा और आम लोगों के लिए काम करना जारी रखना होगा।” उन्होंने पूर्व मंत्री गौतम देब को सिलीगुड़ी नगर निगम का मेयर नियुक्त करने का एलान किया।

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वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि कि मतदान के दौरान हर जगह धांधली हुई है। यह चुनाव के नाम पर नाटक हुआ है।

उन्होंने राज्य चुनाव आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि चुनाव के दौरान राज्य पुलिस पूरी तरह से मूकदर्शक बनी हुई थी और टीएमसी के गुंडे लगातार बूथ लूट रहे थे।

सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने भी चुनाव को लोकतंत्र के लिए मजाक करार देते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस पूरी तरह से मूकदर्शक बनी हुई थी।

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