तीन राज्यों में वोटिंग का महासंग्राम: असम में आरोपों की राजनीति तेज, केरल-पुडुचेरी में शांत मतदान

नई दिल्ली/गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम. देश के तीन अहम राज्यों-असम, केरल और पुडुचेरी—में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। एक ही चरण में हो रही इस वोटिंग के साथ कुल 296 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो रही है।

सुबह के शुरुआती रुझानों में तीनों राज्यों में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली है, जबकि राजनीतिक बयानबाजी भी अपने चरम पर पहुंच गई है।

शुरुआती मतदान: तीनों राज्यों में कैसी रही रफ्तार?

चुनाव आयोग के मुताबिक सुबह 9 बजे तक

  • असम में करीब 17% से ज्यादा मतदान
  • केरल में 16% से अधिक वोटिंग
  • पुडुचेरी में 17% के आसपास मतदान दर्ज किया गया

इन आंकड़ों से साफ है कि मतदाता शुरुआती घंटों में ही उत्साह के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं।

असम में सियासी पारा हाई, बयानबाजी तेज

असम में मतदान के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस नेता K. C. Venugopal ने राज्य नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।

वहीं, असम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

केरल में त्रिकोणीय मुकाबला, शांतिपूर्ण वोटिंग

Kerala में 140 सीटों पर मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। यहां प्रमुख दलों के बीच सीधी टक्कर के साथ तीसरा विकल्प भी मजबूत नजर आ रहा है। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

पुडुचेरी में छोटे राज्य का बड़ा मुकाबला

Puducherry की 30 सीटों पर भी वोटिंग जारी है। यहां सरकार बनाने के लिए कम सीटों की जरूरत है, इसलिए हर सीट का महत्व काफी बढ़ गया है।

असम में सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास जोर

Assam में चुनाव को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। लाखों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और बेसिक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। महिला कर्मियों द्वारा संचालित कई बूथ भी इस चुनाव की खासियत हैं।

क्या तय करेगा आज का मतदान?

तीनों राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरण हैं, लेकिन एक बात साफ है—आज का मतदान आने वाले वर्षों की राजनीति की दिशा तय करेगा।

असम में जहां सत्ता को लेकर सीधा मुकाबला है, वहीं केरल और पुडुचेरी में गठबंधन और रणनीति की परीक्षा हो रही है।

तीनों राज्यों में जारी यह वोटिंग सिर्फ सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत भी है। अब नजरें मतदान प्रतिशत और आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

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