भारत की इन बेटियों का बजता है दुनिया में डंका


जुबिली स्पेशल डेस्क
भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2009 में हुई थी जब महिला बाल विकास मंत्रालय ने इस दिन को राष्ट्रीय बालिका दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया था।
दरअसल 24 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन साल 1966 में इंदिरा गांधी ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। मौजूदा दौर की बात की जाये तो हर क्षेत्र में देश की बेटियां भारत का नाम रौशन करती नजर आ रही है।
बात अगर खेलों की दुनिया की जाये तो कई ऐसी बेटियां है जिनका डंका भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में बजता है। आज हम ऐसी बेटियांके बारे में बात करेंगे जो देश की तमाम लड़कियों के लिए रोल मॉडल हैं…

1 मिताली राज : भारत में महिला क्रिकेटरों की बात की जाये तो मिताली राज बड़ा नाम है। उन्होंने भारत की कप्तानी भी की है। इतना ही नहीं महिला क्रिकेट में 20 साल पूरा करने वाली मिताली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी है।
उनका जन्म जोधपुर में एक तमिल परिवार में हुआ है। केवल दस साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया है। मिताली की कप्तानी में 2006 और 2008 में भारत ने एशिया कप जीता था।
इसके साथ ही मिताली एकमात्र क्रिकेटर हैं, जिन्होंने 6,000 रन बनाए और महिलाओं के वनडे में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाए। 2017 में विमेन्स क्रिकेट world कप में मिताली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रुप सीरीज़ में शतक लगाकर ट्रॉफी जीती थी।

2 सायना नेहवाल : भारत में बैडमिंटन की बात की जाये तो सायना नेहवाल का नाम सबसे ऊपर आता है। एक दौर था जब सायना नेहवाल अपने खेल की वजह से सुर्खियों में रहती थी।
हालांकि मौजूदा समय में चोट और खराब फिटनेस की वजह से परेशान है। सायना ने लंदन 2012 ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतकर भारत का मान बढ़ा दिया।
उनकी इस कामयाबी के बाद से भारत में बैडमिंटन का नया माहौल देखने को मिला। सायना ने विश्व चैम्पियनशिप बैडमिंटन विजेता रह चुकी हैं। उन्होंने 2006 में एशियाई सैटलाइट प्रतियोगिता भी जीती है।
उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सीरीज़ बैडमिंटन प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, यह उपलब्धि उनसे पहले किसी अन्य भारतीय महिला को हासिल नहीं हुई थी।

3 पीवी सिंधु : भारत में बैडमिंटन पीवी सिंधु और सायना की वजह से काफी चर्चा में रहा है। सायना के बाद पीवी सिंधु ने भारत के लिए कई पदक जीते हैं।
हैदराबाद की पीवी सिंधु ने एशियाई चैम्पियनशिप, विश्व चैम्पियनशिप, ऑल इंग्लैंड ओपन, इंडिया ओपन ग्रांप्री गोल्ड, कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीता है। इतना ही नहीं उन्होंने साल 2016 में ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीता है।

4 साक्षी मलिक : देश में जहां पुरुष पहलवान अपना दम-खम दिखा रहे हैं तो दूसरी महिला कुश्ती में भारत के कई खिलाडिय़ों का दबदबा देखने को मिल रहा है।
कुश्ती में केडी जाधव हों या बाद में सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के बाद साक्षी मलिक एक ऐसा नाम है जिन्होंने रियो 2016 में पदक जीता है। उनका यह पदक भारत में महिला कुश्ती के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया।
साक्षी मलिक ओलंपिक कुश्ती पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जब उन्होंने इतिहास बनाने के लिए 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।

5 मैरी कॉम : बॉक्सिंग में मैरी कॉम लगातार देश के लिए पदक जीत रही है। मैरी कॉम 8 बार विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं। 2012 के लंदन ओलम्पिक में उन्होंने काँस्य पदक जीता।



