इसलिए अहम है गृहमंत्री अमित शाह का महाराष्ट्र दौरा

महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। दरअसल वहां पर एनडीए में रार देखने को मिल रही है। सीट शेयरिंग को लेकर बीजेपी, (अजित पवार खेमा) और शिवसेना (सीएम एकनाथ शिंदे खेमा) के बीच बातचीत सफल नहीं हो पाई है।

(अजित पवार खेमा) और शिवसेना (सीएम एकनाथ शिंदे खेमा) ज्यादा सीटों की मांग कर रही है जबकि बीजेपी ऐसे होने नहीं देना चाहती है।

बता दें कि

अजित पवार और एकनाथ शिंदे गुट ज्यादा सीट मांगने का दबाव बीजेपी पर बना रहे हैं। स्थानीय मीडिया की माने तो सहयोगी दल राकांपा (अजित पवार खेमा) और शिवसेना (सीएम एकनाथ शिंदे खेमा) आगामी लोकसभा चुनावों के लिए ज्यादा सीट की चाहत रखते हैं और वो लगातार अपने-अपने दावे कर रहे हैं।

इस वजह से बीजेपी पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। उधर गृह मंत्री अमित शाह वहां पर पांच मार्च को आने वाले लेकिन उसी दिन महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी अध्यक्ष अजीत पवार 16 लोकसभा सीटों को लेकर बातचीत करने वाले और समीक्षा करेंगे।

अजित पवार खेमे के पास इस वक्त रायगढ़ लोकसभा सीट है और प्रतिनिधित्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी समीझा बैठक कर लोगों की राय जानने की तैयारी में है। इस बैठक में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता और संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल होंगे।

अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी कम से कम 10 लोकसभा सीटों पर अपना दावा कर रही है। उसमें धाराशिव, परभणी, बुलढाणा, गढ़चिरौली, माधा, हिंगोली, बारामती, शिरूर, सतारा और रायगढ़ में वो अपने प्रत्याशी उतारना चाहता है।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि हर पार्टी को अपनी सीटों पर दावा करने का अधिकार है. लेकिन अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद जीत की कसौटी पर लिया जाएगा।

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