प्रेणादायक कविताये
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लिट्फेस्ट
नयनों मे पीर पले,जीवन की शाम ढले…!
नयनों मे पीर पले, जीवन की शाम ढले। अंखियां ये कहती है, मधुरितु उतराई है, प्रियतम से मिलने की, ललक…
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लिट्फेस्ट
किसी प्रीतम के दर्द में,ये साहिर की लिखावट है….!!
किसी प्रीतम के दर्द में,ये साहिर की लिखावट है….!! ये सितारों की रौशनी से,आसमाँ में जो सजावट है| मेरे हसरतों…
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लिट्फेस्ट
संध्या की बिखरी अलकों मे,निशा का फैला श्याम दुकूल…
संध्या की बिखरी अलकों मे, निशा का फैला श्याम दुकूल, मूक है मद्धिम है पदचाप, तुमको प्रेम सौंपना भूल। अधर…
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लिट्फेस्ट
मैं कभी कभी भगवान होना चाहता हूं, और सृजन कर देना चाहता…
मैं कभी कभी भगवान होना चाहता हूं, और सृजन कर देना चाहता हूं नई दुनिया का। हां, नई सृष्टि जिसमें…
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जुबिली ज़िन्दगी
जीवन बदल देते हैं कुछ घटनाएं…
रमेश अभिषेक और योगेश पांच साल बाद उसी पार्क में मिलने वाले थे, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी थी। रमेश…
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लिट्फेस्ट
शाखाएं मौसम हवायें सब उसी के खिलाफ…
शाखाएं मौसम हवायें सब उसी के खिलाफ हैं बस इसीलिए वो पत्ते आवारा हुए जा रहे हैं कलम दवात दिख…
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