स्वरा के फिर बदले स्वर, बोलीं-हमें गालियां दो और पाक को पद्मश्री

स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर लगातार सरकार को अपने निशाने पर ले रही है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भी स्वरा भास्कर ने अपनी आवाज बुलंद की है लेकिन अब उन्होंने पद्मश्री को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है।

उन्होंने पाकिस्तानी मूल के गायक अदनान सामी को पद्मश्री दिये जाने को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार का पाकिस्तान के प्रति प्यार बताया है।

यह भी पढ़ें : दिल्ली के चुनावी समर में पीएम मोदी की एंट्री  

स्वरा ने कहा कि जिस तरह से सरकार ने पाकिस्तानी मूल के गायक अदनान सामी को पद्मश्री दिया है वह केंद्र सरकार का पाकिस्तान के प्रति प्यार को दर्शाता है।

स्वरा ने कहा कि आप हमें गालियां दो, हम पर लाठियां चलाओ, हमें चप्पल मारो, हम पर आंसू गैस के गोले छोड़ो और एक पाकिस्तानी को पद्मश्री दे दो। यह तो इस सरकार का हाल है और ये लोग हमें टुकड़े-टुकड़े गिरोह के सदस्य, एंटीनेशनल और पता नहीं क्या-क्या बताते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि यह कानून बनाकर संविधान के साथ बड़ा विश्वासघात किया गया है। स्वरा ने यह बात एक रैली के दौरान कही है। इससे पहले भी अदनान सामी को पद्मश्री दिए जाने पर विवाद हो चुका है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सामी को पद्मश्री दिए जाने पर सवाल उठाया है।

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि आखिर ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि भारत की नागरिकता मिलने के 4 साल के भीतर ही अदनान सामी को पद्मश्री से नवाजा गया।

यह भी पढ़ें : गद्दार, गोली और योगी के बाद चुनावी मैदान में अब उतरेंगे ‘जननायक’

गौतलब हो कि अदनान सामी को वर्ष 2016 में भारत की नागरिकता  हासिल की है और इसके बाद से वह लगातार आलोचकों के निशाने पर रहे हैं लेकिन उन्होंने इसका जवाब भी दिया है।

यह भी पढ़ें :जूता कांड वाले नेता ने योगी पर उठाए सवाल, बोले- अटल जी के मार्ग दर्शन पर चलें

बता दें कि पाकिस्तान के लाहौर में जन्मे अदनान सामी ने 26 मई 2015 को गृह मंत्रालय से अपील की थी कि मानवीय आधार पर उन्हें भारत में रहने की इजाजत दी जाए। एक साल की वैधता वाले पर्यटक वीजा पर 13 मार्च, 2001 को अदनान पहली बार भारत आए थे। यह वीजा उन्हें इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायुक्त ने जारी किया था। 1 जनवरी 2016 में ही अदनान सामी को भारतीय नागरिकता दी गई थी।

यह भी पढ़ें : सीतारमण के बजट पर आर्थिक जानकारों ने क्या कहा

Related Articles

Back to top button