निर्भया केस : फांसी से बचने के लिए जारी हैं दांव-पेंच

जुबिली न्यूज़ डेस्क

निर्भया रेप केस में 20 मार्च को दोषियों को होने वाली फांसी का रास्ता साफ हो गया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों की डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। लेकिन निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस में चारों दोषियों के मौत से बचने के लिए दांव-पेंच जारी हैं।

गुरुवार को अक्षय सिंह की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं कोर्ट के बाहर दोषी अक्षय सिंह की पत्नी का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अक्षय की पत्नी कोर्ट के बाहर बेहोश हो गई। इस दौरान अक्षय कुमार की पत्नी ने ने निर्भया की मां आशा देवी के पैर छूकर फांसी रुकवाने की मांग भी की। अक्षय की पत्नी ने निर्भया की मां से कहा कि आप मेरी मां जैसी हैं इस फांसी को रुकवा लीजिए।

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अक्षय ने दिल्ली की अदालत में याचिका दाखिल कर फांसी की सजा पर रोक की मांग की है। इस याचिका में अक्षय ने कहा है कि उसकी दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है इसलिए सजा पर रोक लगे। कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

इससे पहले निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में चार दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसे कोर्ट ने आज खारिज कर दिया। मुकेश सिंह ने दावा किया था कि दिसंबर 2012 में हुए अपराध के समय वह दिल्ली में नहीं था।

बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों (पवन कुमार गुप्ता, विनय कुमार शर्मा, मुकेश सिंह और अक्षय कुमार सिंह) पर शुक्रवार सुबह 5:30 बजे फांसी दी जानी है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट इस बाबत डेथ वारंट भी जारी कर चुका है।

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