जुबिली स्पेशल डेस्क
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला सिर्फ क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि एक मेगा फाइनेंशियल इवेंट है। यही वजह है कि जैसे ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाक मैच की पुष्टि हुई, आईसीसी से लेकर ब्रॉडकास्टर्स और स्पॉन्सर्स तक सभी ने राहत की सांस ली।
दरअसल, अगर पाकिस्तान इस मैच का बहिष्कार करता तो आईसीसी को करीब ₹2200 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान झेलना पड़ता। इसका असर सिर्फ आईसीसी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि श्रीलंका समेत सभी क्रिकेट बोर्ड, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और गेट सेल्स पर भी भारी मार पड़ती। यही कारण है कि भारत-पाक मैच को क्रिकेट कैलेंडर का सबसे बड़ा ‘फाइनेंशियल ब्रांड’ माना जाता है।
एक मैच, हजारों करोड़ की कमाई
अनुमान है कि अकेले भारत-पाक मुकाबले से ₹2200 करोड़ से ₹4500 करोड़ तक का कुल राजस्व उत्पन्न हो सकता है।
विज्ञापन बाजार में भी इस मैच की जबरदस्त मांग है। मुकाबले के दौरान 10 सेकंड के विज्ञापन स्लॉट की कीमत ₹15 से ₹18 लाख तक पहुंच चुकी है। ब्रॉडकास्टर्स, खासकर जियोस्टार, को इस मैच से ₹200–250 करोड़ रुपये के विज्ञापन राजस्व की उम्मीद है।
श्रीलंका को मिली आर्थिक राहत
मैच की पुष्टि से मेजबान देश श्रीलंका को भी बड़ा आर्थिक सहारा मिला है। पाकिस्तान के बहिष्कार वापस लेने से श्रीलंका के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को होने वाला करीब ₹92 करोड़ का संभावित नुकसान टल गया।
कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले से टिकट बिक्री (गेट मनी) के जरिए श्रीलंका क्रिकेट को भारी मुनाफा होगा। टिकट विंडो खुलते ही कुछ ही मिनटों में सभी टिकट बिक गए, जो इस मुकाबले की लोकप्रियता को दर्शाता है।
डिजिटल से लेकर ग्लोबल क्रेज
डिजिटल व्यूअरशिप के मोर्चे पर भी नए रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। पिछले भारत-पाक मैच में जहां करीब 1.8 करोड़ दर्शक जुड़े थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा 6 करोड़ (60 मिलियन) से ज्यादा पहुंच सकता है।
इस महामुकाबले का आकर्षण सिर्फ भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों से भी बड़ी संख्या में क्रिकेट फैंस कोलंबो पहुंच रहे हैं, जिससे यह मैच एक बार फिर वैश्विक मंच पर सुर्खियां बटोर रहा है।
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