प्रियंका व राहुल की वजह से इंडिया गठबंधन में खत्म हो रही है रार

लखनऊ। विपक्षी गठबंधन किसी भी तरह से मोदी को रोकना चाहती हैं। इस वजह से एक साथ आये है लेकिन उनकी एकता पर सवाल उठ रहा था। बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन इंडिया को लेकर पहले ही कहा था कि ये गठबंधन ज्यादा दिन का मेहमान नहीं है और चुनाव आते-आते ये टूट जायेगा।

बीजेपी की बात तब और सच होने लगी जब नीतीश कुमार ने रातों-रात लालू से नाता तोड़ लिया और इस्तीफा देकर बीजेपी की मदद से नौवीं बार सीएम बन गए लेकिन उन्होंने इंडिया गठबंधन को नीतीश जाने की वजह से बड़ा झटका लगा था।

दूसरी तरफ यूपी, बिहार और बंगाल में इंडिया गठबंधन बिखरा हुआ लगा। उसका बड़ा कारण था क्षेत्रीय दलों की अपनी-अपनी शर्ते। इन शर्तों के आगे कांग्रेस भी बेबस नजर आई लेकिन अब तस्वीर पलट गई है।

यूपी में सपा के साथ कांग्रेस का तालमेल हो गया है। यूपी में पिछले काफी समय से अखिलेश यादव लगातार कांग्रेस को कम सीट देने की बात कर रहे थे लेकिन कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने इसे मानने से मना कर दिया था।

एक वक्त तो ऐसा लग रहा था कि दोनों दलों की राह अलग हो जायेगी लेकिन इसी दौरान प्रियंका गांधी यूपी को लेकर काफी सक्रिय हो गई और समय रहते ही अखिलेश यादव को फोन घुमासा और बात कर सभी मामले सुलक्षा लिये और फिर अखिलेश यादव ने खुद ही सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि उनका गठबंधन कांग्रेस से तय हो गया है।

राहुल ने पहले शरद पवार से फोन पर बात की और उसके अगले ही दिन शिवसेना यूबीटी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से भी फोन पर बात सभी मामले को सुलझाने का दावा किया जा रहा है और जल्द यहां को लेकर सीट शेयरिंग को लेकर बड़ा ऐलान किया जा सकता है।

48 सीटों वाले महाराष्ट्र की 40 सीटों पर करीब-करीब सहमति बन चुकी है और बात आठ सीटों को लेकर अब बात की जा रही है लेकिन कहा जा रह है कि ये सुलझा लिया जायेगा।

जिन सीटों का गणित इंडिया गठबंधन अभी नहीं सुलझा सका है उनमें रामटेक, हिंगोली, जालना, मुंबई नॉर्थ-वेस्ट, मुंबई साउथ सेंट्रल, शिरडी, भिवंडी और वर्धा शामिल हैं। इन सीटों पर तीनों दलों की नजर है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी ने भी अब कांग्रेस को अब दो के बजाये और सीटे देने की बात कह रही है। हालांकि इसको लेकर ठोस जानकारी नहीं है।

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