रवि शास्त्री की सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

न्‍यूज डेस्‍क

भारत के दिग्‍गज क्रिकेटर और वर्तमान में टीम इंडिया के कोच रवि शास्‍त्री को बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) द्वारा नए हेड कोच बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अगल प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोग रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का नया कोच बनाए जाने की तुलना कांग्रेस की नई कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से कर रहे हैं तो कई उनकी तारीफ भी कर रहे हैं।

हालांकि इसके उलट रवि शास्‍त्री अपने कार्यकाल को बढाए जाए से बहुत खुश हैं। टीम इंडिया के कोच जैसे हाई प्रोफाइल पद पर एक बार फिर से नियुक्त किए जाने के बाद बहुत उत्साहित नजर आ रहे 57 साल के रवि शास्त्री टी-20 वर्ल्ड कप 2021 तक टीम इंडिया के हेड कोच बने रहेंगे।

गौरतलब है कि रवि शास्त्री के पिछले कार्यकाल में भारतीय टीम कई बार टेस्ट और वनडे में नंबर-1 की रैंकिंग पर रही और टेस्ट इतिहास में पहली बार उसने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराया। हालांकि, यह अलग बात है कि रवि शास्त्री की कोचिंग में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम तीसरी बार वर्ल्ड कप जीतने से चूक गई। 2015 वर्ल्ड कप में भी टीम सेमीफाइनल में हार गई थी।

रवि शास्त्री ने कोच बनते ही टीम इंडिया के भविष्य पर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री ने टीम इंडिया के भविष्य के लिए अपनी योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि मैं इसलिए कोच बना क्योंकि मुझे इस टीम पर भरोसा था।

रवि शास्त्री ने कहा कि मुझे भरोसा था कि ये टीम इंडिया एक ऐसी विरासत छोड़ सकती है जो बहुत कम टीमें छोड़ पाई हैं। एक ऐसी विरासत जिसका आने वाले दशकों में भी टीमें पीछा करेंगी।

इसके अलावा टीम इंडिया का दोबारा हेड कोच बनने पर रवि शास्त्री ने कपिल देव की समिति को धन्यवाद कहा है। रवि शास्त्री ने कहा कि मैं सबसे पहले कपिल, शांता और अंशुमन को मुझ पर 26 महीने तक और काम करने के लिए भरोसा जताने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। मेरे लिए इस टीम का हिस्सा बनना सम्मान की बात है।

रवि शास्त्री के सामने चुनौतिया

  • टीम में नंबर चार की समस्‍या
  • टीम के प्‍लेयरों के बीच मनमुटाव को दूर करना
  • 2020 टी-20 वर्ल्ड कप में खिताब दिलाना
  • 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनाना
  • 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टीम को कामयाब बनाना
  • 2021 में ही वर्ल्ड वनडे चैंपियनशिप में टीम को चैंपियन बनाना

कैसा रहा है अब तक का रिकॉर्ड

जुलाई 2017 में दूसरी बार कोच बनने के बाद रवि शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने 21 टेस्ट मैच खेले, जिसमें भारत को 13 में जीत मिली। जबकि टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत ने 36 में से 25 में जीत का स्वाद चखा। इसी तरह वनडे की बात की जाए तो शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने 60 मैचों में 43 में जीत हासिल की। इस तरह दूसरे कार्यकाल में उनकी कोचिंग में भारत को कुल 81 मैचों में जीत मिली।

गौरतलब है कि कोच डंकन फ्लेचर (2011–2015) के रहते रवि शास्त्री भी टीम से जुड़े रहे। वह 2014-16 तक टीम डायरेक्टर रहे। शास्त्री ने 2015 के वर्ल्ड कप के बाद पूरी तरह कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी।

क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में जुलाई 2017 के बाद भारत की जीत-हार का प्रतिशत देखें, तो टेस्ट में भारत की जीत की औसत 52.38 प्रतिशत है, जबकि टी-20 इंटरनेशनल में यह एवरेज 69.44 प्रतिशत बैठता है। वनडे में टीम इंडिया की जीत की औसत काफी बढ़िया रही और इसमें 71.67 की औसत रही।

Related Articles

Back to top button